लंदन । कॉमिक्स और हॉलीवुड फिल्मों में आपने सुपरमैन की अद्भुत शक्तियां तो देखी ही होंगी। उसकी आंखों से निकलने वाली लेजर रोशनी दर्शकों को हैरत में डाल देती है। भले ही यह किरदार और इसकी शक्तियां काल्पनिक हों, लेकिन वैज्ञानिक इसकी इस खास शक्ति को हकीकत में बदलने के करीब पहुंच गए हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों के एक दल ने एक ऐसा खास कॉन्टेक्ट लेंस विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है, जिससे हमारी आंखों से भी रोशनी की किरण निकल सकेगी।
ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज के शोधकर्ताओं का दवा है कि उनके द्वारा तैयार लेजर कॉन्टेक्ट लेंस को पहनने से हमारी आंखों से भी रोशनी की किरणें निकलने लगेंगी। विशेषज्ञों ने बेहद बारीक स्टिकर तैयार किए हैं, जिन्हें कॉन्टेक्ट लेंस पर लगाया जा सकेगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज के प्रोफेसर माल्टे गैदर के मुताबिक, प्राचीन ग्रीस में दार्शनिक प्लेटो का मानना था कि आंखों की बीम दृश्य धारणा की मध्यस्थता करती हैं। इन बीम के जरिये पर्यावरण की जांच की जा सकती है। प्लेटो की इस थ्योरी को आगे बढ़ाते हुए इस किरदार को रचा गया और उसे यह शक्ति दी गई। इसी को आधार बनाकर हमने अपना प्रयोग किया। आंखों में पहने जा सकने वाले इस उपकरण की मदद से शख्स आंखों से लेजर बीम छोड़ सकेगा।
यह लेजर तकरीबन 20 इंच दूर तक जा सकती है। इस रोशनी को डिजिटल वन और जीरो के साथ एनकोड किया जा सकता है। जिससे रोशनी आधारित बारकोड में तब्दील किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा स्कैनर जांच सकते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल तकरीबन एक साल पहले बैंक नोट पर किया जा चुका है।
इन कॉन्टेक्ट लेंस में इस्तेमाल की गई फिल्म स्मार्टफोन स्क्रीन की तरह है, जो रोशनी का संपर्क होते ही उसके पिक्सेल को सक्रिय कर देती है। कॉन्टेक्ट लेंस स्टिकर के पॉलिमर तेज रोशनी पड़ते ही फ्लूरोसेंस की तरह चमकने लगते हैं, जिससे लेजर को रोशनी मिल जाती है। यह अध्ययन नेचर कम्यूनिकेशंस नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
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