मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन करने वाले भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी जारी है। दोनों ही अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। महाराष्ट्र में 288 सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें से भाजपा को 105, शिवसेना को 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) को 54 और कांग्रेस को 44 पर जीत मिली थी।
इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को भाजपा का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए अपराधियों और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दलों में बातचीत केवल मुख्यमंत्री के पद को लेकर ही होगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा।
महाराष्ट्र के विधायकों को अपने साथ करने के लिए भाजपा केंद्रीय एजेंसियों, गुडों और अन्य संसाधन काम ले रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 24 अक्टूबर से ही जिस तरह से चुप्पी साधे हुए हैं, वह एक रहस्यमयी चीज है। मैं जल्द ही इस बात का खुलासा करूंगा कि कैसे भाजपा गुंडों और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विधायकों को पक्ष में करने के लिए कर रही है।
मुझे जानकारी मिली है कि शपथ ग्रहण के लिए गेस्ट हाउस, वानखेड़े स्टेडियम, महालक्ष्मी रेसकोर्स बुक किया गया है। लेकिन भाजपा ने अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश क्यों नहीं किया? मैं दावा करता हूं कि शिवसेना के एक मुख्यमंत्री मुंबई के दादर क्षेत्र में शिवाजी पार्क में शपथ लेंगे और हमें 170 से अधिक विधायकों का समर्थन मिलेगा। इस बीच, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य में मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक में राउत के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे क्या बोल रहे हैं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
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