पीलीभीत अमरिया बिजली विभाग में घोर भ्रष्टाचार लेकिन कहीं पर भी नही होती है शिकायतकर्ताओं की सुनवाई

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रिपोर्ट ज़ाहिद अली

पीलीभीत अमरिया में बिजली विभाग कर्मचारी व प्राइबेट ठेकेदार जमकर कर रहे हैं कमाई मामला अमरिया कस्वे में स्थित नीलगिरी स्कूल के पास नीलगिरी कालोनी का है जहां बस्ती बालों ने बिजली लगबाने के अब से छः महीने पहले ठेकेदार को 10000 रु दिये थे ठेकेदार ने बिजली के पोल लगबा दिए लेकिन बिजली घरों तक नही पहुंचाई जबकि ठेकेदार ने बिजली घरों तक पहुंचाने का बादा किया था

अब वह लोग ठेकेदार से कहते हैं लेकिन ठेकेदार उनकी बातों को सुनता ही नही है और कहता है जो करना है करलो ।जिसकी बस्ती बालों ने कई बार उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की कई बार तहसील दिवस में भी इसकी शिकायत की लेकिन कोई भी सुनबाई नही होती है।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी शिकायत की थी औऱ लिखित शिकायती पत्र भी दिया था। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई लेकिन वहां से भी उनका कोई समाधान नही हो सका और भी जितनी भी जनसुनवाई के केंद्र हैं हर जगह शिकायत करके हार चुके हैं लेकिन कहीं से भी उनको मदद नही मिल पा रही है।उन लोगों ने बिजली के मीटर भी अपने स्तर से लगबा लिए हैं ।मीटरों को लगे हुए भी काफी समय हो गया है।काफी समय से प्रतीक्षा करते करते आखिर उन लोगों ने अपनी तरफ से केविल डाल ली ।जिसकी सूचना अमरिया बिजली विभाग को लगी तो उन्होंने उनकी डाली हुई केबिल को जाकर उतार कर अमरिया बिजली हाईडिल पर लाकर रख लिया जब बस्ती बाले अमरिया हैंडिल पर पहुंचे और उनसे इसकी शिकायत की तो उन्होंने बिजली चालू कराने के बदले रुपयों की डिमांड की ।उन्होंने कहा रुपयों का इन्तिजाम करो हम अभी बिजली चालू कर देंगे ।नही तो बिजली चालू नही होगी।जिससे बस्ती के लोग काफी परेशान हैं क्योंकि कहीं पर भी आज तक उनकी सुनबाई नही हुई है और अब वह कहां तक पैसे देते रहें हर जगह पैसे ही पैसे कोई भी कार्य बिना पैसों के होता ही नही है।

एक तरफ सरकार कह रही है कि उसका हर घर तक बिजली पहुंचाने का कार्यक्रम चल रहा है ।और सबको मुफ्त बिजली कनेक्शन देने की बात कह रही है ।लगता है सरकार की योजनाएं सिर्फ दिखावा हैं सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।लेकिन कोई भी इसकी ओर ध्यान नही देता है ।क्योंकि इतनी शिकायतों के बाद भी छः माह हो गये हैं और कुछ भी सुनबाई नही हो रही है।सारा सिस्टम भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ता जा रहा है लेकिन इस विकराल समस्या का समाधान नही होता है ।

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