उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया तूफ़ान! पल्लवी पटेल का धरना और भ्रष्टाचार के आरोप! क्या है पूरा मामला? जानने के लिए पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट।
यूपी में प्रवक्ताओं की नियुक्ति में घोटाले का आरोप
अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं की नियुक्ति में व्यापक घूसखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके आरोपों के मुताबिक, AICTE के नियमों की अनदेखी करते हुए, पदोन्नति के जरिए 250 से ज़्यादा प्रवक्ताओं को विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों में विभागाध्यक्ष बना दिया गया। पल्लवी पटेल का कहना है कि यह नियुक्तियाँ पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर की गई हैं और इसमें भारी पैमाने पर घूसखोरी हुई है। यह मामला सिर्फ़ भ्रष्टाचार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
पल्लवी पटेल का धरना और मांग
इन गंभीर आरोपों के बाद, पल्लवी पटेल ने यूपी विधान भवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरना दिया और इस मामले में CBI जांच की मांग की। उनका कहना था कि तभी इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों को सज़ा मिल सकती है। उनके धरने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया। लेकिन क्या यही इस मामले का अंत है या आगे भी कोई कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है। इस घटनाक्रम से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मची हुई है।
मंत्री आशीष पटेल का पलटवार
इस पूरे मामले पर यूपी सरकार के मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि 2022 में उन्होंने मंत्री के रूप में इस विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी और AICT के वेतनमान को डिप्लोमा सेक्टर में लागू करने का काम किया। उनके अनुसार, विभागीय चयन की नियमावली अभी तैयार हो रही है। उन्होंने पल्लवी पटेल पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह कहाँ से ऑपरेट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वो अपने फैसले पर कायम हैं और सीबीआई जांच का स्वागत करते हैं।
क्या मंत्री के दावों में है दम?
आशीष पटेल के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। क्या वाकई में नियमावली बनने में इतना समय लगता है? क्या पदोन्नतियों के ज़रिये नियुक्तियाँ करना नियमों के अनुसार है? यह सभी सवाल अभी भी जवाब की तलाश में हैं। इस मामले में एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ज़रूरी है जिससे कि सच्चाई सबके सामने आ सके और अगर कोई गड़बड़ हुई है तो उसके लिए दोषियों को सज़ा मिल सके। इस मामले पर जनता की नज़रें टिकी हुई हैं।
सीबीआई जांच की मांग और आगे क्या?
पल्लवी पटेल ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है, जो इस पूरे मामले में बहुत ज़रूरी है। एक निष्पक्ष जांच से ही इस बात का पता चल सकता है कि आरोपों में कितना दम है और क्या वाकई में भ्रष्टाचार हुआ है। इस मामले में सरकार का रवैया भी बहुत अहमियत रखता है। क्या सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता दिखाएगी या फिर इसे दबाने की कोशिश करेगी? ये देखना बहुत दिलचस्प होगा। पल्लवी पटेल के धरने के बाद भले ही मामला शांत हो गया हो, लेकिन जनता के मन में कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
यह मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी बहुत अहम है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह दर्शाता है कि शिक्षा व्यवस्था में भी भ्रष्टाचार का कितना गहरा घुसपैठ है। यह युवाओं के भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में यह ज़रूरी है कि इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Take Away Points
- पल्लवी पटेल ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
- उन्होंने CBI जांच की मांग की है।
- मंत्री आशीष पटेल ने अपनी सफाई दी है।
- यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
- इस मामले में एक निष्पक्ष जांच बहुत महत्वपूर्ण है।

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