महाराष्ट्र चुनाव विवाद: मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत

महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप: कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत

क्या महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है? कांग्रेस पार्टी का यही दावा है। हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद, कांग्रेस नेता नाना पटोले और अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। इस मुलाकात के बाद उठे सवालों ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। क्या वाकई में मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से जोड़े और हटाए गए? आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।

मतदाता सूची में बड़ा फेरबदल: आंकड़े क्या कहते हैं?

कांग्रेस का आरोप है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले, मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुई है। पार्टी का दावा है कि लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों के बीच के पांच महीनों में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि उसी अवधि में नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। कांग्रेस ने इस हेरफेर के पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिसके कारण विपक्षी दलों ने चुनाव नतीजों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। यह एक गंभीर मामला है जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को चुनौती देता है।

कांग्रेस का चुनाव आयोग से क्या मांग है?

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से संबंधित सभी कच्चे डेटा (raw data) सार्वजनिक करे। इसमें बूथ-वार और निर्वाचन क्षेत्र-वार विवरण शामिल हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस डेटा से पता चलेगा कि मतदाता सूचियों में वास्तव में कितना हेरफेर किया गया है। पार्टी ने यह भी मांग की है कि डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की रिपोर्ट और नए मतदाताओं के जोड़े जाने से जुड़ी सभी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।

118 निर्वाचन क्षेत्रों में असामान्य मतदान: कांग्रेस का गंभीर आरोप

कांग्रेस ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि 118 निर्वाचन क्षेत्रों में से 102 निर्वाचन क्षेत्रों में, जिनमें भाजपा ने जीत हासिल की है, वहां प्रति निर्वाचन क्षेत्र 25,000 से ज़्यादा अतिरिक्त मतदान हुआ है। यह आरोप चुनावों में व्यापक अनियमितताओं के होने का संकेत देता है। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन कांग्रेस के इस आरोप ने राजनीतिक जगत में तूफ़ान ला दिया है।

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

चुनाव आयोग ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से सौहार्दपूर्ण चर्चा की है। आयोग ने कांग्रेस को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इस मामले की जांच करेगा और सभी बिंदुओं पर लिखित जवाब देगा। हालांकि, कांग्रेस का मानना है कि चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और मतदाता सूचियों में हेरफेर के सभी पहलुओं की पूरी जांच करनी चाहिए। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना बेहद रोचक होगा।

Take Away Points

  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया गया है।
  • कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कच्चे डेटा और जांच की मांग की है।
  • कांग्रेस का दावा है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में असामान्य मतदान हुआ है।
  • चुनाव आयोग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
  • यह मामला चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

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