आरटीआई का खुलासा : गौ माता से किये वादे शायद भूल गयी योगी सरकार !

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लखनऊ,। योगी के मुख्यमंत्री बनने पर सूबे की अधिकाँश जनता को उम्मीद थी कि सूबे की 3 करोड़ से अधिक गायों और 450 से अधिक गोशालाओं के अच्छे दिन आयेंगे। उम्मीद तो इतनी गोशालाएं खुलने की थी कि सड़कों पर कोई गाय आवारा नहीं घूमेगी जिससे पशु तस्करी पर भी रोक लगेगी । कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने जीवन का सर्वाधिक समय हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र मानी जाने वाली गायों की देखभाल और रक्षा में बिताया है।

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गायों के लिए रोज सुबह 3 बजे उठकर गायों को उनके नाम से बुलाने और उनको खाना खिलाने से पहले नाश्ता तक नहीं करने वाले गो प्रेम के लिए मशहूर उन्ही योगी आदित्यनाथ पर अब सत्ता सुख मिल जाने के बाद सूबे की गायों के प्रति असंवेदनशील होने और गौ माता से किये वादे पूरे नहीं करने का गंभीर आरोप लग रहा है।

ंयोगी सरकार द्वारा अच्छे दिन लाने के नाम पर गौ माता को धोखा देने का यह आरोप सूबे की राजधानी लखनऊ के फायरब्रांड आरटीआई कंसलटेंट और इंजीनियर संजय शर्मा ने पशुपालन विभाग के मुख्यालय के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) और जन सूचना अधिकारी द्वारा संजय को बीते 27 मार्च को जारी किये गए एक पत्र के आधार पर लगाया है।

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संजय शर्मा ने बीते साल के अक्टूबर महीने की 01 तारीख को यूपी सरकार को एक आरटीआई अर्जी देकर गायों के मुद्दों पर 6 बिन्दुओं पर सूचना माँगी थी। पशुपालन विभाग के मुख्यालय के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) ने संजय को मुख्यालय के सामान्य अनुभाग-2 के प्रशासनिक अधिकारी का एक पत्र दिया है जो बीते 26 मार्च को जारी किया गया है ।

संजय को बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार द्वारा निराश्रित गायों को रखने के लिए पंजीकृत गोशालाओं के सुद्णीकरण हेतु 10 करोड़ और 5 करोड़ 16 लाख की दो योजनायें बनाई तो गईं पर साल का अंत आ गया और सरकार एक पैसा भी अवमुक्त नहीं कर पाई। वित्तीय वर्ष 2017-18 से पहले ही सरकार बन जाने पर भी पूरे साल भर हर मंच से गायों पर भाषण देने वाले योगी आदित्यनाथ द्वारा निराश्रित गायों को रखने के लिए पंजीकृत गोशालाओं के सुद्णीकरण हेतु साल के 5 दिन अवशेष रहने तक एक नया पैसा तक अवमुक्त न करा पाने पर संजय ने योगी की कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया है और गाय प्रेम के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ और उनकी अगुआई में चल रही बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीएम और सरकार गौमाता की बात तो बहुत कर रहे हैं पर धरातल पर गौमाता के लिए असंवेदनशील बने हुए हैं और कुछ भी ठोस नहीं कर रहें हैं। कभी सरकार के बजट में बेसहारा गायों के लिए कान्हा गौ-शाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के नाम पर 98 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था करने, कभी गाय-ग्राम-गंगा तो कभी गाय-गंगा-तुलसी का मन्त्र देकर प्रत्येक किसान को 2 गायें देने की बात कहने ,कभी यूपी की सभी गायों की गणना कराकर उनका मुफ्त इलाज कराने के साथ-साथ बीमा भी कराने, कभी जेलों में गौशालायें खोलने जैसे बड़ी-बड़े वादे करने वाले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार की कथनी और करनी में अंतर की बात कहते हुए संजय शर्मा ने योगी सरकार की इन योजनाओं के धरातल पर आकर अमली जामा पहन पाने पर भी सबालिया निशान लगा दिए है।

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