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रिपोर्टर उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना कुशीनगर : मध्य प्रदेश में लंबे समय से चल रही एक परंपरा नए साल 2019 की पहली तारीख को टूट गई । दरअसल सचिवालय में हर महीने की पहली तारीख को राष्ट्रगीत गाने की परंपरा थी लेकिन 1 जनवरी 2019 को परिसर में वंदे मातरम के बोल नहीं गूंजे।
इस पूरे मामले में जब बीजेपी ने कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर हमला करना शुरू किया तो एमपी के मुख्यमंत्री ने आगे आते हुए सफाई दी।
कमलनाथ ने कहा कि वह वंदेमातरम को एक अलग रूप देंगे और इसकी जल्द ( बुधवार या गुरुवार को ) घोषणा हो जाएगी।
इसी क्रम में पनियहवा तिराहे पर
इस मुद्दे पर अब खड्डा में युवा भाजपा नेता पवन राव ने भी हमला बोला है,उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया है कि क्या वंदेमातरम का अपमान उनका निर्णय है ?
इस दौरान भाजपा आईटी विभाग जिला सह प्रमुख आनन्द सिंह ने कहा कि कमलनाथ का यह बयान बहुत ही दुःखद एवं निन्दनीय है ।
इस अवसर पर साहनी , प्रभाकर पाण्डेय , विकास सिंह , नागेन्द्र दुबे , आकाश रॉय , अमित मोदनवाल , विनोद दुबे , अतुल प्रताप राय , कमलेश गुप्ता , सन्तोष , राकेश , अशोक निषाद , अजय , सुनील यदुवंशी , अविनाश एवं दर्जनों युवा उपस्थित रहे ।
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