शाही इमामों की तरह ही मंदिर के पुजारियों को मिले वेतन : कांग्रेस विधायक ने लिखा था सीएम खट्टर को पत्र

देश में साम्प्रदायिक उन्मूलन अव्यवस्थित होता नजर आ रहा। पहले राम नवमी और हनुमान जनमोत्स्व के अवसर पर देश में हिंसा होती है और अब लाउडस्पीकर, अजान और हनुमान चालीसा के मुद्दे पर विवाद सियासत की आग पकड़ता दिखाई दे रहा हैं। 

इसी कड़ी में बात करते हुए हरियाणा के कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने बीजेपी सरकार पर आपदा को अवसर में बदलने का आरोप लगाया था। 

हरियाणा कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर मंदिरों के पुजारियों, मस्जिदों के इमामों, गुरुद्वारे के ग्रंथियों और चर्च के पादरियों के भी वक्फ बोर्ड की मस्जिदों के शाही इमामों की तरह एक सैलरी देने की बात की। 

आगे उन्होंने ये भी कहा कि मैंने अपने पत्र में कोरोना काल के दौरान मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों से बिजली बिल कमर्शियल नहीं बल्कि डोमेस्टिक दर पर लेने की बात भी की थी। आगे नीरज शर्मा ने बताया कि आज तक मुख्यमंत्री से जवाब नहीं मिला है।

विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि उन्हें ‘बेस्ट विधायक’ का अवार्ड मिला था और उसमें मिले 1 लाख रूपए के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर छोटा मंदिर हरियाणा में भी बनाने की जगह और विधानसभा में राम कथा कहने की मांग रखी थी कि लोग भगवान राम का नाम इज्जत से लें। 

इसके बाद उन्होंने भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि देश के एक बड़े नेता ने कहा था कि आपदा को अवसर बनाओ पर आपदा अवसर गिद्ध, चोर-लुटेरों के लिए होती है, आम जनता के लिए नहीं।

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