नई दिल्ली । देशभर में बनाए गए मतगणना केंद्रों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिये गये हैं और मीडिया के लिए भी समाचार संकलन करने के लिए आवश्यक सुविधायें मुहैया करायी गयी हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए भी हर तरह के प्रबंध किये गये हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था कायम रखें।
पंजाब की 13, हरियाणा की 10, हिमाचल प्रदेश की 4 सीटों के कल रिजल्ट आएंगे। इसके प्रबंध भी मुकम्मल कर लिए गए हैं। सत्रहवीं लोकसभा की 542 सीटों और चार राज्यों की विधानसभाओं के लिए हुये मतदान के बाद गुरुवार को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गयी हैं।
मतों की गिनती पहले की तरह ही होगी तथा गिनती पूरी होने के बाद ही वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाएगा। 22 विपक्षी दलों की मतगणना शुरू होने के समय वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम से मिलान करने की माँग ठुकराने के बाद आयोग ने पहले की तरह ही मतों की गिनती कराने का फैसला किया है।

इस बारे में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश राज्य चुनाव अधिकारियों को दे दिये गये हैं। मतगणना गुरुवार सुबह आठ बजे से होगीउधर, बक्सर से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लडऩे वाले पूर्व विधायक रामचंद्र यादव ने आज भभुआ में अपने घर पर प्रेस कांफ्रेंस में हथियार लहराए। पिस्टल हाथ में लेकर रामचंद्र यादव ने कहा कि कुशवाहा और तेजस्वी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाऊंगा।
उपेंद्र कुशवाहा के विवादास्पद बयान के बाद भभुआ के पूर्व विधायक और लोकसभा चुनाव में बक्सर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रामचंद्र यादव ने कैमूर ईवीएम मामले में हथियार लहराते हुए प्रेस कांफ्रेंस की और कहा कि लोकतंत्र के लिए हथियार उठाना पड़े तो उठाऊंगा। रिजल्ट फेवर में नहीं आने पर अब लडऩा पड़ेगा, अब चुप बैठने से काम नहीं चलेगा।
यदि एग्जिट पोल्स की ओर से लगाए गए अनुमान गलत साबित होते हैं तो फिर छोटे-छोटे बहाने सुनने को तैयार रहिए। जैसे भ्रमित वोटर को प्रिफरेंस मिलना, प्रतिभागियों की ओर से गलत जवाब, सैम्पलिंग एरर या फिर आम लोगों की अपेक्षाओं के मुताबिक राय दिखाने के लिए किया गया रैशनलाइजेशन। ऐसी कई खामियां या चूक होती हैं, जिनके चलते एग्जिट पोल्स और वास्तविक नतीजों में खासा फर्क होता है।
मतों की गिनती के लिए चुनाव आयोग द्वारा पहले से निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जायेगा और इसमें किसी तरह की खामियों तथा गड़बडिय़ों को तत्काल दूर करने की भी व्यवस्था की गयी है ताकि मतगणना सुचारु और निर्बाध रूप से चलती रहे। भीषण गर्मी को देखते हुये मतगणना में भाग लेने वाले कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के एजेंटों के लिए भी विशेष प्रबंध किये गये हैं ताकि उन्हें किसी तरह की कोई असुविधा न हो।
लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्यों-आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम-की विधानसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल से 19 मई के बीच मतदान कराये गये थे। वीवीपैट पर्ची से वोटों के मिलान और सत्यापन के लिए पाँच मतदान केंद्रों को औचक आधार पर चुना जायेगा। वीवीपैट सत्यापन प्रक्रिया में चार से पाँच घंटे का समय लग सकता है। चुनाव परिणाम आयोग की वेबसाइट और ‘वोटर हेल्पलाइन ऐपÓ पर उपलब्ध होंगे। आयोग ने इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए 55 लाख ईवीएम का उपयोग किया है।
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