रुद्रांश पांडे आत्महत्या कांड : रुद्रांश पांडेय के माता पिता नम आंखों के साथ कप्तान सुजाता सिंह से मिलने पहुचे लगाई न्याय की गुहार 

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रिपोर्ट-केशवा नन्द शुक्ला
रायबरेली- नम आंखें होनहार बच्चे के जाने का सदमा लिए रुद्रांश पांडे के माता पिता पुलिस की लचर कार्यशैली से नाराज होकर आज पुलिस अधीक्षक रायबरेली सुजाता सिंह केे समझ पहुंचे उन्होंने पुलिस अधीक्षक सेे बताया कैसेे उनका हंसता खेलता परिवार महज एक छोटी सी गलती और स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते उनका इकलौता बेटा मौत की आगोश में समा गया। विदित हो दयावती मोदी पब्लिक स्कूल के छात्र रुद्रांश पांडे उम्र 11 वर्ष कक्षा 6 का छात्र रोज की तरह अपने स्कूल गया तो था पढ़नेे के लिए लेकिन किसी बात से नाराज होकर स्कूल शिक्षिका ने उस मासूम सेेेे अबोध बालक के साथ बर्बरता मारपीट किया तथा छात्र के सामने ही पिता को फोन लगा कर यह कहा आपका बच्चा शरारती है वह और बच्चों को भी तंग करता है आप अपने बच्चे को कल स्कूल बस से न भेज कर उसे अपने साथ लेकर आएंगे।
जब छात्र अपने सहपाठियों के साथ वापस घर जाने लगा शिक्षिका के डर के मारे  किसी छात्र ने रुद्रांश पांडे से स्कूल बस में बात तक नहीं किया इस बात से वह घर और मानसिक अवसाद की स्थिति में आ गया। घर पहुंचने पर उसने मां को बताया उसके साथ शिक्षिका द्वारा बेरहमी से मारपीट किया गया है। चोटू को दिखाते हुए रुद्रांश पांडे रोने लगा मां के काफी समझाने बुझाने के बाद उसने सिर्फ एक केला खाने में खाया उसके बाद वह बैग उठाकर कोचिंग की ओर चला लेकिन इन्हीं कारणों से वह रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और सामने से आ रही ट्रेन की समय उसने छलांग लगा दी और घटनास्थल पर उसकी दुखद मृत्यु हो गई थी। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने भी ढुलमुल रवैया अपनाए रखा लगभग 12 घंटे बाद परिजनों के आक्रोष के चलते एफ आई आर दर्ज की गई। 10 दिन बीतने को है लेकिन किसी भी दूसरी पर अभी कार्यवाही नहीं की गई है इसे समझा जा सकता है आखिरकार पुलिस कप्तान सुजाता सिंह के आदेशों को ठेंगा कैसे क्षेत्रीय प्रशासन दिखा रहा है अगर यही स्थिति रही तो आमजन अपने आप को भी महसूस करने लगेगा।
पत्रकारों के समक्ष रुद्रांश के पिता और मां से जैसे ही पत्रकारों ने रुद्रांश का नाम लिया वैसे ही उसकी मां के आंख से आंसू छलक पड़े और वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ही अपने इकलौते पुत्र के भूख के मारे रोने लगी उनके पिता ने मीडिया से बताया जनपद में दयावती मोदी पब्लिक स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में दर्द उनके बेटे रुद्रांश पांडे का साथ हुई ज्यादती के सबसे बड़ा सबूत है। जिसके बाद भी पुलिस गुनाहगार तक पहुंच नहीं रही है हर बार अधिकारियों के पास पहुंचने पर सिर्फ कार्यवाही करने का रटा रटाया शब्द सुनने को मिलता है। बीपी 10 दिनों से बच्चे के पास मिले सुसाइड नोट का अभी तक हैंडराईटिंग मिलान तक पुलिस नहीं करा पाई है ऐसी स्थिति में हमें न्याय नहीं मिल रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया स्कूल प्रशासन द्वारा मेरे बेटे की आत्महत्या के बाद ना तो संपर्क साधा गया और ना ही स्कूल का कोई कर्मचारी उनके घर तक पहुंचा। दयावती मोदी पब्लिक स्कूल पूरी तरह से मौन है यह भी कहीं ना कहीं अपने आप में सवालिया निशान है आखिर स्कूल प्रशासन कुछ भी बोलने पर मौन क्यों साध ले रहा है।
विद्यालय के सीसीटीवी में दर्ज है अहम सबूत।
दयावती मोदी पब्लिक स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में 11 वर्षीय छात्र रुद्रांश पांडे का वीडियो मौजूद है जिसने टीचर द्वारा उसे मारने का प्रमाण है। अगर इन तमाम सबूतों को देखा जाए तो पूरी तरह स्कूल प्रशासन द्वारा आत्महत्या के लिए बच्चे को उकसाया गया जिसके फलस्वरूप उस अबोध से बालक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल अब देखना यह होगा जिस तरह से हरचंदपुर पुलिस ने पूरी लापरवाही बरती है एफ आई आर दर्ज करने में उसने आनाकानी की है विवेचना कर रहे अधिकारी लगातार केस को ठंडे बस्ते में डालते हुए नजर आ रहे हैं अगर इन सब को देखा जाए तो यह आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है आखिर विद्यालय की जड़े कितनी मजबूत है कि एक आम इंसान को न्याय नहीं मिल रहा है जिसका हंसता खेलता परिवार उजड़ गया है उनका मासूम सा बालक मौत की आगोश में समा गया है जिसका कारण सिर्फ दयावती मोदी पब्लिक स्कूल है। परिजनों के साथ आई अधिवक्ता ने यह साफ कह दिया यह लड़ाई बड़े स्तर पर लग जाएगी आखिर विद्यालय को यह किसने दिया कि किसी भी बच्चे के साथ मारपीट किया जाए।

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