पीलीभीत । एक एसडीओ द्वारा अपने विभाग के वन दरोगा को बावर्दी कान पकड़ कर उठक-बैठक कराने और फिर मुर्गा बनाए जाने को लेकर वन विभाग में हंगामा हो गया है। वर्दी में ड्यूटी कर रहे वन दरोगा को गालियां दिए जाने और उसके बाद कान पकड़ कर उठक-बैठक लगवाने को लेकर संवर्ग विशेष के कर्मचारी गुस्से में हैं। कर्मचारियों ने तत्काल पूरे प्रकरण की जांच व एसडीओ को हटाने की मांग की है।
दरअसल, वन विभाग में पीलीभीत में तैनात एसडीओ हेमन्त कुमार सेठ सामाजिक वानिकी प्रभाग पीलीभीत में पूरनपुर रेंज के निरीक्षण पर थे। उनका पारा बाबूराम वन दरोगा पर चढ़ गया, अपने पद के मद में चूर एसडीओ ने बावर्दी वन दरोगा को गालियां तो दी ही, साथ ही कान पकड़ कर उठक बैठक कराई। फिर वर्दीधारी को मुर्गा बनवा दिया गया। जिसके गवाह पूरनपुर रेंज के रेंज अधिकारी व अन्य कर्मचारी बने। वर्दी के अनुशासन में वन दरोगा ने तत्काल तो कोई प्रतिकार नहीं किया।
पर बाद में उसने अपनी पीड़ा से उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ की जिला शाखा को लिखित रूप में अवगत कराई। फिर तो सहकर्मी के साथ-साथ वर्दी के इस अपमान पर कर्मचारियों में आग भड़क गई और मामला संघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी तक पहुंच गया। संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष मो. नदीम ने इस प्रकरण की शिकायत प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष से कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच के साथ हेमन्त सेठ को पीलीभीत से हटाने की मांग की है। संगठन ने शिकायत में लिखा है कि हेमन्त सेठ का यह पहला वाक्या नहीं है। मथुरा में भी तैनाती के दौरान अक्सर कर्मचारियों के साथ गाली गलौच करने के आरोप लगे थे। अब पीलीभीत में भी धीरे-धीरे कर्मचारी अपने साथ हुए गाली गलौच के प्रकरण संघ को लिखित रूप में दे रहे हैं।
नदीम, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ का कहना है कि हेमन्त सेठ के द्वारा किया गया वर्दी का अपमान किसी कर्मचारी का नही बल्कि राज्य व उसके प्रतीकों का अपमान है। उनपर राजद्रोह के तहत कार्यवाही होनी चाहिए।
– अमित श्रीवास्तव, महामंत्री, उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ। हेमन्त सेठ अपनी गुण्डागर्दी से बाज आ जाएं, अन्यथा कर्मचारियों के अनुशासन की डोर कभी भी टूट सकती है, जिसकी परिणीती अच्छी नहीं होगी।
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