शामली,ब्यूरो । एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने जो नया प्रयोग किया, उसे लेकर वह बेहद उत्साहित है। एसपी ने कहा पूरे प्रदेश में नारी सुरक्षा को लेकर अभियान चल रहा है। इसका मकसद महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करना है कि वह खुद अपनी सुरक्षा कर सकती है। उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए किए गए तमाम बंदोबस्त की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कोमल को एक दिन का कोतवाल बनाकर वह समाज व महिलाओं को यह संदेश देना चाहते है कि यदि महिलाएं आगे आएं तो वह पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती है। महिलाएं खुद देखे कि सुरक्षा के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है। महिलाओं में आत्मविश्वास व जिम्मेदारी का अहसास कराने को हिंदू कॉलेज की 11वीं क्लास की दलित छात्रा कोमल को शहर कोतवाली का एक दिन का कोतवाल बनाया गया। कप्तान ने सभी स्टॉफ को स्पष्ट कर दिया कि कोमल आज प्रभारी है, उसके निर्देश नहीं मानने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। शहर कोतवाल का सीयूजी नम्बर उसके हवाले कर दिया गया।बाद में कोमल थाने पर आई महिलाओं व लोगों की उसने समस्याएं सुनी तथा संबंधित हल्का इंचार्ज को आदेश दिया कि उनका तत्काल निराकरण कराया जाए।
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कोमल थाने की जीप में बैठकर शहर में लॉ एंड आर्डर की स्थिति देखने निकल गयी। इस दौरान उसने बैंक ड्यूटी चेक कर पुलिस कर्मियों को पूरी तरह सर्तक रहने का आदेश दिया। नौ बजे कोमल ने कोतवाली की हवालात, मालखाना का निरीक्षण किया। दस बजे कोतवाली पहुंचकर पीडिघ्तों की सुनवाई की। 11 बजे कोमल पुलिस टीम के साथ कॉलेज व बालिका स्कूलों की सुरक्षा परखने निकली।
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कोमल बताती है कि सभी लोग पुलिस को कुछ नहीं करने के लिए कोसते है लेकिन पुलिस का पूरा दिन भागदौड़ व टेंशन भरा है। हर व्यक्ति को किसी की अपेक्षाएं पुलिस से है। ऐसे में उसे पूरा करना व उनमें विश्वास पैदा करना चुनौती है। टेंशन के इस समय में थकाऊ दिनचर्या है जिसमें खान-पान सब गायब होता है। इस सबके बीच सुकून भरी बात यह है कि लोग अपनी सुरक्षा व न्याय को लेकर अभी भी पुलिस की ओर देखते हैं। कोमल के एक दिन का शहर कोतवाल बनने की सूचना जैसे ही शहर में फैली तो हलचल पैदा हो गयी। कोमल को देखने वालों का तांता लग गया।
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शहर कोतवाली की जिम्मेदारी कोमल को सौंपने के बाद सीओ एके सिंह व शहर कोतवाल अवनीश गौतम पूरी तरह से मुस्तैद रहे। इस दौरान वह कोमल की हर कार्रवाई व कार्यप्रणाली की जानकारी लेते रहे। कोमल एक गरीब ग्राम व दलित की बेटी को एक दिन का शहर कोतवाल बनाकर साबित कर दिया कि समाज में सभी के साथ समानता का व्यवहार होता है। कोमल आर्दश मंडी थानाक्षेत्र के गांव गोहरनी के दलित परिवार की बेटी है। उसके पिता साधारण किसान है। कोमल का भाई मोनू बीए में पढ़ता है और उसकी मां गृहणी है। गांव की लंबी दूरी तय कर कोमल रोज हिंदू इंटर कॉलेज में पढने आती है। कल कोमल को एक दिन का कोतवाल (एसएचओ) बनाया तो ग्रामीण बेहद खुश हुए। सभी ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की। कोमल का भाई मोनू, पिता किरणपाल व मां बेहद खुश थे।
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