Maharashtra Political Crisis:- महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बाद जहाँ उद्धव को सत्ता का त्याग करना पड़ा वही एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन गए। फ्लोर टेस्ट में एकनाथ शिंदे को भरपूर समर्थन मिला। वही देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के उप- मुख्यमंत्री का पद संभाला। वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीबीसी को एक साक्षात्कार दिया जिंसमे उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन एक इतिहासिक घटना है। हमने बाला साहेब के हिंदुत्व के एजेंडे पर काम किया है। आज भाजपा के पास हमसे ज्यादा ज्यादा विधायक है लेकिन उन्होंने मुझे यह पद दिया जिसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं।
शिंदे ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कहा मुझे कभी इसकी लालसा नहीं रही और न शिवसेना को छोड़ने के पीछे मुख्यमंत्री का पद था। शुरुआत में ठाकरे ने कहा था कि मैं तुम्हे मौका देता हूँ लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वही उद्धव का साथ छोड़ने को लेकर आए विचार पर एकनाथ शिंदे ने कहा यह तभी शुरू हो गया था जब महा विकास आघाडी अस्तित्व में आई। मैंने यह निर्णय रोजाना 25 से 30 विधायकों के दर्द को समझ कर लिया। दूसरे लोग जो हारे हुए थे वह इसके जरिए अपना अस्तित्व बनाने लगे और हमारे विधायको को इसके कारण समस्याओं का सामना करना पड़ा शिवसैनिको को लोग परेशान करने लगे। उनके ऊपर झँठे केस दर्ज होने लगे जो वास्तव में गलत था।
उन्होंने कहा पार्टी में अंदरूनी विद्रोह पहले से छिड़ा हुआ था। शिवसैनिक आय दिन चेतावनी दे रहे थे कि आपको कुछ करना होगा। अगर आप नहीं करेंगे तो हम कोई कदम उठा लेंगे। मैने इस बारे में कई बार जिक्र किया लेकिन किसी ने इसपर विचार नहीं किया। अतः मुझे बाद में यह कदम उठाना पड़ा। हमे इस मामले पर ज्यादा बात नहीं करनी है। क्योंकि लोकतंत्र बहुमत से बनता है और हमारे पास बहुमत है। हमने बहुमत साबित किया है और हम अपने विधायकों के समर्थन से आगे बढ़ेंगे। हालाकि मैने उन्हें बताया था कि मैं जा रहा हूँ उन्होंने मुझे वापस आने को कहा था। मैंने उन्हें सचेत किया था कि मुझे नहीं मालूम मैं आऊंगा या नहीं अगर वह अगर सही कदम उठाते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता।
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