संभल जामा मस्जिद विवाद: क्या यह पहले श्री हरिहर मंदिर था?

संभल की जामा मस्जिद विवाद: क्या सच में ये श्री हरिहर मंदिर था?

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के संभल शहर में स्थित जामा मस्जिद के इतिहास को लेकर एक दिलचस्प विवाद चल रहा है? हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद पहले श्री हरिहर मंदिर हुआ करती थी, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे अपनी ऐतिहासिक मस्जिद बता रहा है। इस विवाद ने पूरे शहर में तनाव फैला दिया है, जिससे प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करने पड़े हैं। इस लेख में हम इस विवाद के सभी पहलुओं पर गौर करेंगे।

बुजुर्गों के दावे

हिंदू समुदाय के बुजुर्गों ने दावा किया है कि उन्होंने मस्जिद में जंजीर से लटका हुआ घंटा, कुआँ और फव्वारे में बहता हुआ पानी देखा है। कुछ बुजुर्गों का यह भी दावा है कि मंदिर से एक सुरंग दिल्ली तक जाती थी। वहीं मुस्लिम समुदाय के 90 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि उनके पूर्वज मुगलिया सल्तनत के इमाम थे और जामा मस्जिद से जुड़े प्रमाण भी उनके पास हैं।

जामा मस्जिद के वकील का पक्ष

जामा मस्जिद के वकील जफर अहमद का कहना है कि हिंदू पक्ष का दावा बेबुनियाद और माहौल खराब करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह दावा भारतीय उपासना अधिनियम, 1991 का उल्लंघन है। उनका तर्क है कि 1926 में तक़ी मीर बेग ने यह मस्जिद बनाई थी, न कि किसी मंदिर को तोड़कर। उन्होंने इस मामले में मुस्लिम समुदाय को परेशान करने की साज़िश होने का भी आरोप लगाया है।

सर्वे का मुद्दा

वकील ने कहा कि मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और हिंदू पक्ष के द्वारा बार-बार सर्वे कराने की कोशिश जनता में गलत संदेश फैला रही है।

हिंदू पक्ष के दावे और सबूत

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने मस्जिद के सर्वे के लिए एडवोकेट कमीशन गठित करने का निर्देश दिया था। उनका मानना है कि 1529 में बाबर ने मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई थी। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही यह भी बताया कि यह एएसआई द्वारा संरक्षित क्षेत्र है, ऐसे में किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं हो सकता।

स्थानीय निवासियों का मानना

दुर्गा कॉलोनी के निवासी विनय गुप्ता का कहना है कि उन्हें बचपन से ही इस जगह को मंदिर के तौर पर जाना जाता है और वो बचपन में ही कई बार इस मंदिर में जाया करते थे और वहां मंदिर के पुराने प्रमाण भी देखे।

कोर्ट का आदेश और अगले कदम

मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर मस्जिद का सर्वे किया गया और वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई। जामा मस्जिद के सदर का कहना है कि इस मामले का वाद कोर्ट में दायर हो चुका है और वह पूरी मजबूती के साथ इस मुकदमे को लड़ेंगे।

टेक अवे पॉइंट्स

  • संभल की जामा मस्जिद को लेकर एक विवाद चल रहा है, जिसमें हिंदू पक्ष का दावा है कि यह पहले श्री हरिहर मंदिर था।
  • दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें दी हैं और इस मामले में सर्वे भी किया जा चुका है।
  • मामला कोर्ट में चल रहा है और आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।

यह विवाद काफी संवेदनशील है और हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष आपसी सहमति से एक हल निकाल पाएँगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *