बांदा कमासिन से अगवा हुए किशोर को 36 घंटे के अंदर बरामद करके पुलिस ने सफलता हासिल की है। किशोर के पिता से 16 लाख की फिरौती मांगने वाले दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अपहर्ता रिश्ते का चाचा और उसका दोस्त है, दोनों ने जल्दी अमीर बनने के लालच में किशोर का अपहरण किया था।
मूलरूप से बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव निवासी राजबहादुर अपनी ससुराल कमासिन के छिलोलर गांव में पत्नी व बच्चे के साथ रहते हैं और सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं। छिलोलर गांव स्थित ननिहाल से शनिवार शाम करीब तीन बजे उनके बेटे 15 वर्षीय मनीष कुशवाहा का अपहरण हो गया था। अपहर्ताओं ने सूरत में काम करने वाले उसके पिता से मोबाइल फोन पर कॉल करके 16 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इसके बाद मनीष के स्वजन घबरा गए थे और पुलिस ने अपहर्ताओं की तलाश शुरू कर दी थी।
एसपी ने लगाई थी तीन टीमें
एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना के निर्देश पर एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराकर छानबीन शुरू कराई और एसओजी, सर्विलांस टीम व थाने की टीम को मनीष की बरामदगी के लिए लगाया था। रविवार रात करीब तीन बजे पुलिस टीम को छात्र के मूल गांव बाघा में होने की सूचना मिली।
मनीष को हाते में बांध करके रखा
पुलिस ने बाघा गांव में मनीष के रिश्ते के चाचा अजय कुशवाहा के हाते में छापा मारा तो उसे बंधन मुक्त कराकर सकुशल बरामद कर लिया। आरोपित चाचा अजय व उसके दोस्त राकेश उर्फ सोम निवासी ग्राम पचोखर की भी गिरफ्तार किया गया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वह दोनों ग्वालियर में रहकर काम करते थे। लॉकडाउन में वापस घर लौटने के बाद सारा जमा धन खर्च हो गया था। पैसों के लालच में योजना बनाकर मनीष का अपहरण करके फिरौती मांगी थी।
मोबाइल रिचार्ज कराने से लगा सुराग, दबोचे गए
अपहरण के बाद पुलिस को आरोपितों की पहली लोकेशन छिबांव गांव के पास रास्ते की मिली थी। इसके बाद दूसरी लोकेशन गोखिया गांव की मिली, बाद में तीसरी लोकेशन पचोखर गांव में मिली थी। यहां पर आरोपितों ने छात्र का मोबाइल रिचार्ज कराया था। पुलिस टीम पीछा करते हुए आरोपित राकेश के पचोखर गांव पहुंची, जिसने मोबाइल रिचार्ज किया था उसे पकड़कर पूछताछ की। रिचार्ज करने वाले ने अपने भाई राकेश के बाबत जानकारी दी। पुलिस ने राकेश को हिरासत में लिया और अपहृत तक पहुंच गई।
गैराज में काम दिलाने का झांसा देकर किया अगवा
एएसपी ने बताया कि रिश्ते के चाचा अजय का मनीष के घर पहले से आना जाना था। उसने मनीष को गैराज में काम दिलाने का झांसा दिया और सािा चलते को कहा था। इसके चलते वह खुद अपहरण के समय बाइक लेकर घर से कुछ दूरी पर खड़ा रहा। दोस्त राकेश को घर भेजकर छात्र को बाहर बुला लिया था। इसके बाद बाइक में बिठाकर वह धोखे से उसे अपने हाते तक ले गया। वहां उसका मोबाइल छीनने के बाद जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए डराया था। छात्र व आरोपितों से अभी घटनाक्रम से जुड़ी आगे की और बातें पूछी जा रही हैं।
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