नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार (8 फरवरी) को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। हालांकि इससे एक दिन पहले आज राजधानी में फायरिंग होने से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में तीन राउंड फायर हुए। वहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन जारी था। ऐसे में माना जा रहा है कि फायरिंग इसी से जुड़ी हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फायरिंग का सीएए विरोधी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। हमें शक है कि यह केस व्यक्तिगत दुश्मनी का हो सकता है। गोलीबारी जिस जगह हुई वह सीएए विरोधी प्रदर्शन से बमुश्किल 400 मीटर दूर है, जहां लोग पिछले एक महीने से विरोध कर रहे हैं।
निहाल अशरफ नाम के एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हथियारों से लैस दो लोगों ने हवा में 3 राउंड फायरिंग की और उसके बाद वे भाग गए। वे स्कूटर पर थे जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। जामिया वाली घटना में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था, उसमें नंबर प्लेट लगी थी। हमारे प्रदर्शन की जगह से कुछ मीटर दूर जाने के बाद दोनों फायरिंग करने लगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले कुछ समय में दिल्ली में तीन बार गोली चलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लोगों में सीएएए के प्रति आक्रोश इसका कारण बताया जा रहा है। जामिया और शाहीन बाग इलाके में हवाई फायरिंग हुई थी। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी को स्टूडेंट मार्च से पहले एक नाबालिग ने फायरिंग की, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था।
इसके बाद शाहीन बाग में जारी सीएए विरोध प्रदर्शन स्थल के पास कपिल गुर्जर नाम के युवक ने फायरिंग की थी और कहा था कि इस देश में सिर्फ हिंदुओं की चलेगी। जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के पास दो स्कूटी सवार अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी।
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