बरेली, कहा जाता है कि आप संसाधन कितने भी आधुनिक कर लें, लेकिन बिना मैनपावर के सब बेकार है। बरेली के 300 बेड कोविड अस्पताल पर यह बात पूरी तरह मुफीद साबित हो रही है। अस्पताल में ठेका पद्धति के तहत काम कर रहे 36 ठेकाकर्मियों ने वेतन न मिलने पर हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुआ यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यह बिल्डिंग खासतौर पर कोरोना के मरीजों के इलाज करने के लिए बनाई गई है। लेकिन यह कोविड अस्पताल दिन पर दिन बदहाल हो रहा है, इसकी वजह मशीन नहीं बल्कि मशीनरी है। कुछ समय पहले ही 300 बेड कोविड अस्पताल में काम करने वाले 40 ठेका कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया था। किसी तरह अस्पताल की साफ-सफाई और अन्य काम तुलनात्मक रूप से बेहद कम स्टाफ से हो रही थी। लेकिन अब बचे हुए 36 ठेकाकर्मियों ने भी हड़ताल कर दी है। वजह, सितंबर महीने से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। ठेकाकर्मियों का कहना है कि तेलंगाना की कंपनी ने कॉन्ट्रेक्ट पर रखवाया था। सितंबर महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से घर में भुखमरी की स्थिति आ गई है। ठेका स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.वागीश वैश्य को इस बाबत ज्ञापन दिया है।
शनिवार को दी थी चेतावनी
ठेके पर तैनात 36 फोर्थ क्लास कर्मचारी और नर्सिंग स्टाफ ने पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर शनिवार को ही विरोध जताया था। तब सोमवार तक वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। ठेका स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी है कि वादे के मुताबिक वेतन नहीं मिला तो हड़ताल करेंगे।
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