लखनऊ । लखनऊ के राजाजीपुरम के आरएलबी अस्पताल में भर्ती हुई कानपुर निवासी कोरोना संक्रमित गर्भवती ने संक्रमण की लंबी चेन तैयार कर दी है। एक अनुमान के मुताबिक, चार से पांच सौ लोग तक संदेह के घेरे में हैं।
एहतियात के तौर पर डॉक्टर व स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया गया है। हकीकत ये है कि अस्पताल का हर स्टाफ करीब आठ से दस लोगों के संपर्क में आया। अब यह संपर्क खोजना स्वास्थ्य विभाग के लिए टेढ़ी खीर है।
इसमें मरीज व उनके तीमारदार समेत बाहरी लोग शामिल हैं। अस्पताल में गर्भवती के भर्ती के दौरान आने वाले मरीजों व तीमारदारों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पहचान होने पर उन्हें भी होम क्वारंटीन किया जाएगा।
वहीं अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन ने अभी तक स्टॉफ के सिर्फ 10 लोगों को ही क्वारंटीन किया है। रानीलक्ष्मीबाई अस्पताल में दो मई को एक गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया था।
जांच में वह कोरोना पॉजिटिव आई थी। अस्पताल के डॉक्टर, नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिलाकर करीब 55 लोग उसके संपर्क में आए थे। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार आर्या का कहना है कि हाई व लो रिस्क जोन में स्टॉफ को बांटा गया है। सभी को होम क्वारंटीन में भेजा है। हाई रिस्क स्टॉफ की जांच करा रहे हैं।
हालांकि स्टॉफ ने सीएमएस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, कि स्टॉफ को पीपीई किट समेत व एन-95 मास्क तक नहीं मिला था। सीएमएस ने आरोपों को नकारा है।
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