बिना किसी तथ्य के नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा : BJP

[object Promise]

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर इस समय देश के अधिकतर हिस्सों में हल्ला मचा हुआ है। कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर हिंसात्मक गतिविधियों को भी अंजाम दिया गया। विपक्षी दलों को यह कानून जरा भी नहीं जंच रहा, जबकि मोदी सरकार इसके फायदे गिनाने में लगी हुई है।

सोमवार शाम भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कानून पर रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर जिस प्रकार से उन्हें मोहरा बनाया जा रहा है और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने का प्रयास कुछ पॉलिटिकल पार्टियां कर रही हैं, वो कल से हम दिल्ली में देख रहे हैं और आज लखनऊ में भी हमने देखा।

सीएए में किसी भी हिंदुस्तानी नागरिक का चाहे वो हिंदू हो, मुसलमान हो या अन्य किसी भी जाति या धर्म का हो उसके किसी भी अधिकार का हनन नहीं हो रहा। ये छात्र पढ़े लिखे हैं, लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थपूर्ण राजनीतिक हितों को साधने के लिए इन्हें गुमराह कर रहे हैं।

ये सच्चाई है कि आज सारी राजनीतिक पार्टियां जो विपक्ष में हैं, उन्होंने इस कानून के खिलाफ बिना किसी तथ्य के एक मोर्चा खोला है। शनिवार को राहुल गांधी जी ने एक रैली की थी, लोग कह रहे हैं कि राहुल गांधी खुद को रिलॉन्च करना चाहते हैं। ऐसा क्यों है कि शनिवार को ही राहुल गांधी खुद को पुन: लॉन्च करने की कोशिश करते हैं और रविवार से ही देश में आगजनी लॉन्च हो जाती है।

ओवैसीजी आजकल हर विषय पर हिंदू, मुसलमान करके देश को बांटने की कोशिश हो रही है। उसी प्रकार आम आदमी के अमानतुल्ला काम कर रहे हैं। ममता दीदी ने तो कहा है कि मुझे किसी को रखने की जरुरत नहीं है, मैं स्वयं ही सभी जाति-धर्म के नाम पर बंगाल को बांट दूंगी। अधिकार छीनने का नहीं अपितु अधिकार देने का कानून है, उसमें जिस प्रकार शांति और चैन छीनने का काम कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और टीएमसी कर रही है, वो निंदनीय है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *