कारोबारी ने लगाई तलाक की अर्जी पत्नी के मोटापे को बताया वजह

[object Promise]

गाजियाबाद: फैमिली कोर्ट में पति-पत्नी के विवाद के तो कई मामले आते हैं पर बुधवार को एक ऐसा मामला आया जहां पति ने पत्नी के मोटापे को वजह बताते हुए वैवाहिक संबंध खत्म करने की अर्जी लगाई है। पति के खिलाफ युवती ने भी घरेलू हिंसा और भरण पोषण दिलाए जाने का मुकदमा कोर्ट में दायर किया है। मामला गोविंदपुरम स्थित आनाज मंडी में रहने वाली पारूल का है। उनकी शादी सिकंदराबाद निवासी अभिनव के साथ 8 मार्च 2018 को हुई थी।

अभिनव की सिकंदराबाद में पंसारी की दुकान है। पारूल का कहना है कि शादी से पहले पति ने उसे देखा था, लेकिन जयमाला के समय उसके पति ने कहा कि इतना मोटापा नहीं चलेगा। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उसका उत्पीड़न शुरू हो गया, उसे ताने दिए जाने लगे। इस दौरान पारूल गर्भवती हो गई।

पारूल के अनुसार, पति 5 मई 2018 को उसे धोखे से उसके घर छोड़ आया। 4 जनवरी 2019 को पिता के घर पर पारूल ने बेटी को जन्म दिया। इसी बीच 30 मई 2019 को अभिनव ने बुलदंशहर की कोर्ट में विवाह खत्म कराने का मुकदमा यह कहते हुए दायर किया कि 10 लाख रुपये में हमारा समझौता हो गया है। इसलिए विवाह को खत्म किया जाए।

ससुराल गई तो पति ने रखने से मना कर दिया
विवाह शून्य कराने की अर्जी दाखिल करने की बात का पता चलने पर पारूल अपने घरवालों के साथ 9 जून 2019 को अभिनव के घर पहुंची। अभिनव और उसके परिवारवालों ने कहा कि तुम्हें किसी भी हाल में साथ नहीं रख सकते। बेटी को भी अपनाने से मना कर दिया।

बेटी का डीएनए कराने का तैयार
पारूल ने न्याय पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए घरेलू हिंसा के खिलाफ अभिनव व उसके परिवारवालों के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। पारूल ने कोर्ट में कहा कि वह बेटी का डीएनए कराने को तैयार है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *