रिपोर्टर:तक़ी मेहदी
बल्दीराय/सुल्तानपुर !! तहसील क्षेत्र के अंतर्गत भवानी शिवपुर इसौली में मशहूर दाता करीमशाह (धूनी)महीने भर का मेला बसंत पंचमी के शुभ अवसर से शुरू होकर पूरे महीने चलता रहेगा। हिंदू मुस्लिम एकता की मिशाल है
विकास खंड बल्दीराय के चक शिवपुर ऊंचवा गांव के निकट विशाल मैदान में लगता है। इस मेले में अनेक प्रकार की दुकान, राजस्थान कलकत्ता, बनारस दिल्ली ,, लखनऊ , तथा सुल्तानपुर जिले के आसपास जनपद की कपड़ा बर्तन फर्नीचर की दुकाने मेले में आती हैं जनपद का सबसे बड़ा मेला हैं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से अस्थाई पुलिस चौकी की व्यवस्था प्रशासन की ओर से रहती है। मेले के शुरू में तीन दिन तक घोड़े की दौड़ तीतर की लड़ाई भेड़ की लड़ाई बहुत धूमधाम से होती है। मेला महीनों से अधिक लगता है।चलनेवाला मेला अपनें पूरे शबाब पर है। यदि सरकार इस पर गौर करे तो पर्यटन स्थल बनने की पूरी सम्भावना दिखाई दे रही है
क्षेत्रीये लोगों के मुताबिक करीमशाह अपने कुछ सागर्दों के यहाँ आकर इसी मैदान पर अपनी धूनी रमा कर ईश्वर की भक्ति में लीन हो गये और एक कुटिया बनाकर रहने लगे जहाँ आज भी कुटी के बगल में धूनी मौजूद है। धीरे धीरे उनकी करामात का पूरे इलाके में चर्चा होने लगी। और लोगों का जमावड़ा लगतार बढ़ता चला गया और वही कुटिया मे रहते हुए गरीब मिस्कीन लोगों की मददगार भी बने रहे और आज भी उनकी बहुत सी करामातों का आज भी बखान होता चला आ रहा है। वही उन्हीं के सागिर्द रहे अता हुसैन की मजार मौजूद है जिसकी देखरेख मुईन अहमद करते हैं।
मेला सरंक्षक राकेश जोशी नें बताया कि दाता की मजार पर सुल्तानपुर के कोने कोने से बड़ी तादाद में अकीदतमंद बड़े ही एहतराम के साथ आतें है ओर मन्नते मागंते है चादर चढ़ाते है जिससे उनकी मुराद पूरी होती है। उन्होने नें बताया कि लगभग 150 वर्ष पूर्व से यह मेला लगता है। लगभग बावन बीघे फैले मेला लगता है। मेला में चार हिस्सेदार है जिनकी देखरेख में मेले का संचालन किया जाता है
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