दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण: GRAP नियमों में बड़ा बदलाव, स्कूल बंद, ऑनलाइन कक्षाएं!

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम! स्कूल बंद, ऑफिस टाइम में बदलाव, और मास्क पहनने की सलाह

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के तहत GRAP (ग्रेप) नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर स्कूलों और ऑफिसों के समय पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और इनसे आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।

GRAP नियमों में बड़ा बदलाव: स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन

नए GRAP नियमों के अनुसार, अब वायु गुणवत्ता के स्तर के आधार पर स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन करनी होंगी। GRAP-III के लागू होने पर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो जाएगी। अगर GRAP-IV लागू होता है, तो दसवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन कर दी जाएगी। पहले यह फैसला राज्य सरकारों को करना होता था, लेकिन अब यह अनिवार्य कर दिया गया है।

GRAP के स्तर और उनके प्रभाव

GRAP-1: खराब (AQI 201-300)
GRAP-2: बहुत खराब (AQI 301-400)
GRAP-3: गंभीर (AQI 401-450)
GRAP-4: बहुत गंभीर (AQI 450 से अधिक)

ऑफिस टाइम में भी बदलाव

GRAP-III लागू होने पर NCR राज्यों की सरकारों को सरकारी और निजी दफ्तरों के समय में बदलाव करना होगा। GRAP-IV के लागू होने पर मास्क पहनने की सलाह दी जाएगी। अगर आपको बाहर जाना पड़े, तो मास्क जरूर पहनें।

प्रदूषण से बचाव के उपाय

इन सख्त नियमों के अलावा, खुद को प्रदूषण से बचाना भी बहुत ज़रूरी है। मास्क का प्रयोग करें, घर से बाहर कम निकलें, और ज़रूरी होने पर ही वाहन का उपयोग करें।

GRAP क्या है और क्यों है ज़रूरी?

GRAP या ग्रेप (जिसका पूरा नाम है ग्रेजुएटेड रिस्पांस एक्शन प्लान) एक ऐसी योजना है जिसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करना है। यह योजना वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के स्तर के आधार पर अलग-अलग कदम उठाने की बात करती है।

GRAP का प्रभाव

GRAP नियमों के लागू होने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव से जनता की परेशानी भी बढ़ सकती है। सरकार का लक्ष्य प्रदूषण को कम करना है, इसलिए ज़रूरी है कि हम सब मिलकर इस मुहिम में योगदान दें।

प्रदूषण से प्रभावित लोगों पर असर

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि GRAP नियमों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, और दफ्तरों के समय में बदलाव से कामकाज पर असर पड़ेगा।

आगे का रास्ता

सरकार को इन नियमों के प्रभाव का ध्यान रखते हुए लोगों को राहत भी देनी चाहिए। प्रदूषण से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक मदद या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

Take Away Points:

  • दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP नियमों में हुए बदलावों से स्कूल और ऑफिस के समय में बदलाव होगा।
  • GRAP-III में पांचवीं कक्षा तक और GRAP-IV में दसवीं कक्षा तक के स्कूलों की कक्षाएँ ऑनलाइन होंगी।
  • GRAP नियमों का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम करना है।
  • प्रदूषण से प्रभावित लोगों को भी सरकार द्वारा आर्थिक सहायता या अन्य सुविधाएँ मिलनी चाहिए।

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