नई दिल्ली. देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने देश को स्वतंत्रता दिवस पर लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस दिन हम अपने पूर्वजों के योगदान को याद करते हैं. यह दिन राष्ट्रनिर्माण में बाकी बचे कार्यों को पूरा करने का संकल्प दिन है. उन्होंने कहा- समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है. गांधीजी ने हमें अहिंसा का अस्त्र प्रदान किया है, यह 21वीं सदी में भी उतना ही प्रासंगिक है.
किसानों के बारे में बोलते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हमारे किसान उन करोड़ों देशवासियों के लिए अन्न पैदा करते हैं जिनसे वे कभी आमने-सामने मिले भी नहीं होते. वे देश के लिए खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराके हमारी आज़ादी को शक्ति प्रदान करते हैं.
सैनिकों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब हम सैनिकों के लिए बेहतर हथियार उपलब्ध कराते हैं, स्वदेश में ही रक्षा उपकरणों के लिए सप्लाई-चेन विकसित करते हैं, और सैनिकों को कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महिलाओं की हमारे समाज में एक विशेष भूमिका है. कई मायनों में महिलाओं की आज़ादी को व्यापक बनाने में ही देश की आज़ादी की सार्थकता है. यह सार्थकता, घरों में माताओं, बहनों और बेटियों के रूप में, तथा घर से बाहर अपने निर्णयों के अनुसार जीवन जीने की उनकी स्वतन्त्रता में देखी जा सकती है. उन्हें अपने ढंग से जीने का, तथा अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने का सुरक्षित वातावरण तथा अवसर मिलना ही चाहिए.
उन्होंने कहा कि जब हम महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे उद्यमों या स्टार्ट-अप के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, करोड़ों घरों में एल.पी.जी. कनेक्शन पहुंचाते हैं, और इस प्रकार महिलाओं का सशक्तीकरण करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हमारे नौजवान भारत की आशाओं और आकांक्षाओं की बुनियाद हैं. हमारे स्वाधीनता संग्राम में युवाओं और वरिष्ठ-जनों सभी की सक्रिय भागीदारी थी. लेकिन उस संग्राम में जोश भरने का काम विशेष रूप से युवा वर्ग ने किया था. हम अपने युवाओं का कौशल-विकास करते हैं, उन्हें टेक्नॉलॉजी, इंजीनियरिंग और उद्यमिता के लिए, तथा कला और शिल्प के लिए प्रेरित करते हैं. जब हम अपने युवाओं की असीम प्रतिभा को उभरने का अवसर प्रदान करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.
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