बरस रहे यूपी- दिल्ली में मेघा, इन जगहों पर भी जारी किया IMD ने भारी बारिश का अलर्ट

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नई दिल्ली। मौसम विभाग काफी समय से देश भर के उन इलाकों में भी बारिश की चेतावनी जारी कर रहा है, जहां बेहद कम बारिश के आसार रहते हैं। हालांकि, शनिवार को कुछ उन इलाकों में बारिश हुई, जिधर लोगों को बारिश के आने का काफी समय से इंतजार था। पिछले कुछ दिनों से मौसम तो अच्छी बन रहा था, लेकिन उमस और दोपहर में धूप आदमी को पसीना-पसीना कर देती थी। यहां बता दें कि कहा जाता है कि सावन के महीने में ना धूप का पता और ना बारिश का, तो कहा जा सकता है कि अभी कुछ दिनों तक मौसम में अधिकतर बदलाव देखें जाएंगे। इसको लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा कुछ जिलों के नाम भी जारी किए गए हैं, जिनमें जल्द बारिश होने के आसार हैं।

पहले बात उन जिलों की कर लेते हैं, जिनको लेकर मौसम विभाग ने शनिवार को सुबह 9 बजे यह कहते हुए अलर्ट जारी किया था कि उन जगहों पर अगले 2 घंटों के अंदर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर की जगहों, पूर्वोत्तर दिल्ली, पानीपत, करनाल, कैथल, गन्नौर, सोनीपत, शामली, मुज़फ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, मुरादाबाद, गाजियाबाद के कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। बताया गया कि इन जिलों के आस-पास के क्षेत्रों में भी बारिश होगी।

मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन में अलर्ट जारी करते हुए बताया गया कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और असम- मेघालय, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम-त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, कोंकण-गोवा तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल और केरल-माहे में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो सकती है।

वहीं, मौसम की जानकारी देने वाली संस्था स्काइमेट की माने तो देश में कई मौसमी सिस्टम का जोर है। बताया गया कि मानसून की अक्षीय रेखा अमृतसर, करनाल, बरेली, देवरिया और मधुबनी होते हुए पूर्वोत्तर भारत में हिमालय के तराई क्षेत्रों तक बनी हुई है। हरियाणा और इससे सटे भागों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दिखाई दे रहा है। वहीं, उत्तर अरब सागर पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। साथ ही इस सिस्टम के पास एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी बना हुआ है।

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