ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढहीए राहत और बचाव कार्य जारी

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ग्रेटर नोएडा । देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढह जाने से कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. अब तक मलबे से दो शव निकाले जाने की पुष्टि हो चुकी है। शाह बेरी गांव में यह हादसा रात आठ से साढ़े आठ बजे के कघ्रीब हुआ. ढहने वाली इमारतों में से एक निर्माणाधीन थी जबकि दूसरी वाली दो साल पहले बनकर तैयार हुई थी.अभी तक आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिल पाया है कि यहां कितने लोग रहते थे और कितने लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे दबे हुए लोगों की संख्या 10 से भी कम हो सकती है.मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद भी ली जा रही है।

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निर्माणाधीन इमारत छह मंजिला थी और एक पांच मंजिला इमारत उससे सटी हुई थी.उन्होंने कहा कि पुरानी इमारत में ज्यादा लोग नहीं रहते थे और शाम को एक महिला और एक बच्ची ही उन्हें नजर आई थी.मूलतरू किशनगंज की रहने वालीं आरसी बेगम इस इलाकघ्े में लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती हैं. वह बताती हैं कि यह हादसा उनकी आंखों के सामने ही हुआ.

लोगों ने बताया कि मैंने इमारत को अपनी आंखों से गिरते देखा. मैंने देखा कि पहले नई वाली बिल्डिंग धड़ाम से गिरी और धूल का गुब्बार उठा. इसके बाद हम लोग यहां से भाग गए. थोड़ी ही देर बाद पुरानी वाली इमारत भी गिर गई.। विरोधाभासी दावेखघ्ुद को प्रत्यक्षदर्शी बता रहे लोगों के घटना को लेकर किए जा रहे दावों में विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है.।

अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इमारतों के ढहने की वजह क्या थी. इन इमारतों के मालिक के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.। घटनास्थल पर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम के सदस्य बचाव और राहत कार्य में लगे हुए हैं. आसपास रहने वाले लोग भी यहां पहुंचे हैं और कघ्रीब 300 लोग जमा हैं.

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ढहने वाली इमारत निर्माणाधीन थी

मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद भी ली गई है मगर अभी तक किसी के जिंदा होने के संकेत नहीं मिले हैं.।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री और गौतम बुद्ध नगर के सांसद महेश शर्मा भी यहां पहुंचे. उन्होंने बीबीसी को बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद सीधे वह यहां आए हैं और अभी तक पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि कितने लोग दबे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि पहले हमारी प्राथमिकता मलबे को हटाने की है. उत्त प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी गई है.।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी ट्वीट करके कहा है कि घटना के लिए दोषी पाए जाने वालों के खघ्लिाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर गौतम बुद्ध नगर के जिला अधिकारी वीएन सिंह ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा, ष्मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है. एनडीआरएफ ने काम शुरू कर दिया है और सभी अधिकारी हरकत में आ गए हैं. अभी हम यह नहीं बता सकते कि कितने लोग इसमें दबे हो सकते हैं।

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