बैंकों से करोड़ों की ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब दिल्ली के उद्योगपति पर बैंकों के 648 करोड़ 43 लाख की भारी भरकम राशि हड़पने का आरोप लगा है। लोन लेकर राशि हड़पने के चलते अब बैंक आरोपी की संपत्ति सील कर रहे हैं। उद्योगपति की दिल्ली के साथ ही सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र स्थित पांच प्लॉटों में बने राइस मिल व चावल गोदाम सील किए गए हैं। आरोपी ने चावल एक्सपोर्ट करने की कंपनी बनाने के नाम पर दस बैंकों से मार्च 2017 में यह राशि लोन के रूप में ली थी। उसके बाद श्री बांके बिहारी कंपनी की तरफ से लोन के रूप में एक किश्त भी वापस जमा नहीं कराई गई। जिस पर दिल्ली के करोलबाग से आई टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच राइस मिल व गोदाम सील कर दिए हैं। कार्रवाई के दौरान राई के नायब तहसीलदार और पुलिस बल भी मौजूद रहा।
पिछले दिनों फैक्टरी में आगजनी के बाद राई औद्योगिक क्षेत्र फिर से से सुर्खियों में आ गया। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर 2253 से 2257 में स्थित राइस मिल व 505 सहित अन्य प्लॉट में बने गोदाम श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी के नाम से है। इनमें चावल तैयार करने के साथ ही रखा जाता है और उसे विदेश में एक्सपोर्ट किया जाता है। एसबीआई ने कंपनी के निदेशक अमर चंद, रामलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता व शकुंतला पर करीब 10 बैंकों का 648 करोड़ 43 लाख 85 हजार का लोन बताया है। कंपनी के नाम पर मार्च, 2017 में लोन लिया गया था। जिसके बाद से एक भी किश्त जमा नहीं कराई गई।
इस पर बैंकों की तरफ से नोटिस भी दिया गया, लेकिन नोटिस जारी करने के बाद कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। व्यक्तिगत तौर पर जब कंपनी मालिक से मिलने का प्रयास किया गया तो वह फरार हो गया। जब बैंक अधिकारी कंपनी में पहुंचे तो कंपनी बंद मिली। यहां कोई भी कार्य नहीं चल रहा था। जिस पर बैंक टीम ने नायब तहसीलदार राई हवा सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को कंपनी व गोदाम सील कर दिए। कंपनी के मु य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। बैंकों द्वारा कई घंटे तक सील करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान अन्य उद्योगपतियों में हड़कंप मचा रहा। सबसे पहले कंपनी के प्लॉट नंबर 2253 से 57 तक फैली कंपनी पर सील लगाई गई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी की प्रॉपर्टी सील की गई है।
फाच्र्यून कंपनी है गारंटर
एसबीआई बैंक अधिकारियों की तरफ से कंपनी के बाहर एक नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा गया है कि कर्जा लेते वक्त फाच्र्यून नामक कंपनी श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी की गारंटर बनी थी। इसलिए इस कंपनी पर भी कानून शिकंजा कसा जा सकता है।
इन बैंकों से इतना लिया गया लोन
बैंक का नाम राशि
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर 209,85,57,412.96
स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर 87,62,25,302.50
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला 66,24,24,503.63
स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद 36,54,12,930.50
आंध्रा बैंक 46,05,22,930.23
कैनरा बैंक 41,59,69,304.92
आरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स 61,70,07,546.54
पंजाब नेशनल बैंक 46,77,75,403
विजया बैंक 26,03,40, 459.47
सिंडिकेट बैंक 26,01,49,750
कुल राशि 648,43,85,543.75
– एसबीआई द्वारा जारी सूची।
वर्जन
श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी पर लोन न चुकाने का मामला सामने आया है। इसके चलते एसबीआई द्वारा कंपनी को सील कर दिया गया है। बैंक की तरफ से कार्रवाई को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जि मेदारी मिली थी। जिस पर कार्रवाई की गई है।
हवा सिंह, नायब तहसीलदार, राई।
वर्जन
कंपनी की तरफ से करीब 648 करोड़ रुपये बैंकों के कर्ज की अदायगी नहीं की गई। इसके चलते फर्म की कंपनियों को सील किया जा रहा है। बाद में इनकी नीलामी कर बैंक की पूंजी को पूरा किया जाएगा।
शालिनी शर्मा, अधिकारी, एसबीआई करोलबाग, दिल्ली।
Leave a Reply