तो कुशीनगर में वीडियो वायरल होने के मामले में बिना जांच के ही चौकी इंचार्ज को हटाया जाना कहीं एसपी पर भाजपा के मंत्री स्वामी का दबाव तो नहीं ?

तो कुशीनगर में वीडियो वायरल होने के मामले में बिना जांच के ही चौकी इंचार्ज को हटाया जाना कहीं एसपी पर भाजपा के मंत्री स्वामी का दबाव तो नहीं ?
उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के सिधुआ बाजार में लगभग तीन सप्ताह पूर्व को चौकी इंचार्ज के द्वारा किए जाने वाले पुलिसिया कार्रवाई से नाराज व्यापारियों के साथ चौकी पर पहुंचे पूर्व ग्राम प्रधान व चौकी इंचार्ज के बीच हुए नोकझोंक के दौरान हुए वीडियो वायरल के मामले में भले ही आनन-फानन में जिले के पुलिस कप्तान ने यहां तैनात इंचार्ज को हटा दिया हो लेकिन पुलिस कप्तान द्वारा की जाने वाली इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। हालांकि कार्रवाई के बाद फेसबुक यानी सोशल मीडिया पर बाजार के ही कुछ दुकानदार व जनप्रतिनिधियों के बीच अखबार में छपे न्यूज़ पोस्ट होने पर एक दूसरे को सही गलत साबित करने की मानो होड़ लगी हुई है ।

ऐसे में चौकी इंचार्ज व पूर्व ग्राम प्रधान समर्थकों के बीच हुए नोकझोंक के वीडियो वायरल के मामले में पुलिस कप्तान को पहले अपने मातहतों से जांच करवा कर ही कार्रवाई करनी चाहिए थी ? इतना ही नहीं चौकी इंचार्ज पर लगे धन उगाही व लोगों की उत्पीड़न करने की आरोप को लेकर भी जांच होना चाहिए था ? जबकि आनन-फानन में पूर्व प्रधान व उनके समर्थकों ने सांसद से लगाए भाजपा के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से चौकी इंचार्ज की शिकायत कर पुलिस कप्तान विनोद मिश्रा को संज्ञान में लाकर वीडियो के माध्यम से करवाई करा ही दिया । इस सिलसिले में इंचार्ज पर करवाई होते ही सिधुआ बाजार के लोगों द्वारा तरह-तरह की अटकलें लगाना शुरु कर दिए कई लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर इतना तक कहने से नहीं चुक रहे हैं कि इंचार्ज पर पुरानी खुन्नस को लेकर इस तरह का करवाई सत्ता शासन की हनक साफ साफ दिखाई दे रहा है ।

हालांकि अगर इंचार्ज वाकई में ही में लोगों के उत्पीड़न करने के साथ-साथ धन उगाही कर रहे थे तो आखिर चौकी क्षेत्र के किसी व्यक्ति ने क्यों नहीं लिखित इनकी एसपी से शिकायत की थी ? लेकिन किसी दुकानदार व लोगों ने कहीं भी बतौर पुर्व इंचार्ज के बारे में कहीं भी शिकायत दर्ज नहीं कराया है ।गौरतलब हो कि कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के सिधुआ बाजार स्थित चौकी पर पुर्व बतौर इंचार्ज के रूप में वीरेंद्र कुशवाहा की तैनाती मिली थी,श्री कुशवाहा की तैनाती मिलने के बाद से ही बाजार में देर शाम को चौक चौराहे पर मदिरा का सेवन कर घूमने वाले लोगों को इंचार्ज अपने मातहतों के साथ लाठी डंडा लेकर डांटने के साथ-साथ ऐसा चौक चौराहे मंदिरा का सेवन न करने का निर्देश दे रहे थे ।

उधर लगभग तीन सप्ताह पूर्व सोमवार की दोपहर बाद पूर्व प्रधान सिधुआ मिश्रौली राम बालक दास त्यागी अपने समर्थकों के साथ चौकी पर पहुंचे थे । इस दौरान श्री त्यागी द्वारा चौकी इंचार्ज किसी बात को लेकर चौकी इंचार्ज बहस चल ही रहा था कि, अचानक चौकी इंचार्ज व पूर्व प्रधान के बीच नोकझोंक होने के साथ बात आगे बढ़ गया था । ऐसे में चौकी इंचार्ज अभी कुछ समझ पाते कि संत राम बालक दास त्यागी द्वारा चौकी इंचार्ज पर ही धन उगाही का आरोप लगाते हुए संतों का अपमान करने के साथ-साथ सिधुआ बाजार के दुकानदारों का उत्पीड़न करने का जिक्र करने से पीछे नहीं हटे,हालांकि चौकी इंचार्ज अपने ऊपर पूर्व प्रधान द्वारा लगाए जा रहे आरोप पर जवाब देने में थोड़ा भी पीछे नहीं हट रहे थे,इंचार्ज बार-बार कह रहे थे कि अगर मेरे पर इस तरह का आरोप है तो इसे साबित करें ‌। इस दौरान पूर्व प्रधान और चौकी इंचार्ज के बीच हुई तीखी नोकझोंक बीच बहस का वीडियो वायरल हो गया ।

उधर वीडियो वायरल होते ही पूर्व प्रधान ने चौकी इंचार्ज के द्वारा बाजार में पुलिसिया कार्रवाई करने के मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सांसद विजय कुमार दुबे,समेत पुलिस कप्तान बिनोद मिश्रा से शिकायत कर दी। ऐसे में पुलिस कप्तान विनोद कुमार मिश्रा ने आनन-फानन में इंचार्ज बिरेन्द्र कुशवाहा पर पूर्व प्रधान द्वारा लगाए गए आरोप व वीडियो की सत्यता जांचें बिना ही तत्काल प्रभाव से हटा कर कोतवाली पडरौना से अटैच कर दिया गया । मजे की बात है कि पुलिस कप्तान द्वारा बाजार चौकी इंचार्ज पर किए गए करवाई को लेकर बाजार के लोगों में ही पुलिस कप्तान द्वारा चौकी इंचार्ज पर की गई कार्रवाई पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया । बहरहाल बाजार के लोगों में चर्चा का विषय बन गया है कि पहली बार किसी इंचार्ज के आने पर बाजार में मदिरा का सेवन कर चौक चौराहे पर बवाल काटने वाले लोगों से निजात मिल रहा था।

ऐसे में पुलिस कप्तान को भी ऐसे इंचार्ज पर पूर्व प्रधान व उनके समर्थकों द्वारा चौकी इंचार्ज पर तमाम तरह के लगाए गए आरोप के बाद हुए वीडियो वायरल के मामले अपने मातहतों से सही गलत की जांच करके ही कार्रवाई करनी चाहिए थी ? लेकिन आनन-फानन में पुलिस कप्तान द्वारा शिकायत मिलने पर उक्त चौकी इंचार्ज को चौकी से हटाकर कोतवाली से जोड़ा जाना तमाम तरह का सवाल खड़ा किया है। ऐसे में बाजार चौकी क्षेत्र के लोग तरह-तरह की अटकलें लगाने के साथ इंचार्ज पर पुलिस कप्तान श्री मिश्रा द्वारा की गई कार्रवाई को भाजपा की सरकार की कद्दावर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व सांसद के निर्देश पर कार्रवाई किए जाने पर सत्ता शासन की हनक बता चर्चा करते हुए लोग आपस में बातें करते नजर आ रहे हैं ।

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