उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक मां ने अपने ही दो माह के बेटे का सौदा कर दिया। अबोध को दाई और एक व्यक्ति की मदद से बिलासपुर निवासी एक दंपति को बेचा गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुये पांच लोगों को गिरफ्तार कर दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी मां ने एक लाख रुपये के लालच में अबोध को बेचने की बात कबूल कर ली है।
शनिवार को पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह और एसपी सिटी रुद्रपुर देवेंद्र पींचा ने बताया कि शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से एक दो महीने के अबोध को अगवा कर लिया गया है। इस पर तत्काल तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मां लता गंगवार से सख्ती से पूछताछ की तो उसने एक लाख रुपये में मासूम को बेचने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी लता की निशानदेही पर पुलिस ठाकुरनगर ट्रांजिट कैंप निवासी दाई ममता विश्वास के घर पहुंची और फिर आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह के घर। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ने अबोध को दो लाख रुपये में ग्राम इंदरपुर बिलासपुर निवासी कुलजीत सिंह और और उसकी भाभी रमनदीप कौर को बेचने की बात कही।
पुलिस ने बिलासपुर पहुंच कर अबोध श्रेयांश को बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों बिचौलियों के पास से एक लाख रुपये और आरोपी मां लता के पास से एक लाख रुपये बरामद कर लिए। एसएसपी ने बताया कि अबोध को दो लाख रुपये में बेचा गया था। इसमें से एक लाख रुपये आरोपी मां लता और एक लाख रुपये दोनों बिचौलियों ने बांट लिए थे। तीनों के पास से दो लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। पुलिसकर्मी ले जाने लगे तो पति को देख माफी मांगने लगी आरोपी पत्नी पुलिस कार्यालय में खुलासे के समय आरोपी मां लता रोने लगी और अपने पति की ओर देख माफी मांगने लगी। बाद में पुलिस उसे अपने साथ ले गयी। डीआईजी कुमाऊं जेआर जोशी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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