भारत सरकार का ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर अहम फैसला

[object Promise]

सरकार ने 500 प्रेशर स्विंग ऐडसॉप्र्शन (पीएसए) इकाई या ऑन-साइट ऑक्सीजन जनरेटर इकाइयां विकसित करने का ऑर्डर दिया हैं।पीएसए की एक प्लांट को तैयार होने में 75 लाख रुपए समेत कुछ कर की लागत आ रही है। हालांकि कोविड 19 की इस दूसरी लहर में इन प्लांट का फायदा नहीं मिलेगा। क्योंकि इन्हें तैयार होने में करीब तीन माह का समय लग सकता है।

ये पीएसए प्लांट वायुमंडलीय वायु से ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं जिसे बाद में शुद्ध किया जाता है। इसके बाद मरीजों को पाइप के जरिए इसकी आपूर्ति की जाती है। ऐसी ऑक्सीजन के लिए 99.5 प्रतिशत शुद्धता होना आवश्यक है। साधारण वायु में 21 प्रति ऑक्सीजन, 78 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.9 प्रतिशत आर्गन और 0.1 प्रतिशत अन्य गैसें होती हैं।

केंद्र सरकार ने प्रेशर स्विंग ऐडसॉप्र्शन (पीएसए) इकाई लगाने का यह टेंडर टाटा एडवांस सिस्टम और ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स को दिया है। इनमें से, 450 पीएसए तैयार करने का ऑर्डर टाटा समूह की कंपनी को मिला तो वहीं शेष प्लांट का निर्माण ट्राइडेंट द्वारा किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 150 जिला अस्पतालों के लिए अक्टूबर 2020 में पीएसए इकाई बनाने के लिए निविदाएं मंगाई थी लेकिन इनमें से अधिकांश इकाइयां स्थापित नहीं की गई।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *