गुजरात चुनाव: गुजरात में इस साल के अंत मे होने वाले विधानसभा की तैयारी उफान पर चल रही है। बड़े नेताओं का गुजरात दौर कई महीनों पहले ही आरंभ हो गया था। गुजरात मे जहां मुख्य दल के रूप मे भाजपा और कांग्रेस आमने सामने खड़ी है। वही आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम भी गुजरात मे अपनी धाक जमाने की कोशिश में लगी हुई है। आप कांग्रेस की धमक कम कर स्वयं को कांग्रेस के रूप में गुजरात मे स्थापित करना चाहती है। लेकिन आप के लिए यह आसान काम नहीं होगा क्योंकि गुजरात की जनता की नजर में गुजरात मे केवल दो दी दल मुख्य है भाजपा और कांग्रेस।
भाजपा बीते 30 साल से गुजरात मे राज कर रही है। वही भाजपा से पहले कांग्रेस का गुजरात में आधिपत्य रहा है। आज भले ही कांग्रेस गुजरात की सत्ता से बाहर है लेकिन गुजरात की बहुत बड़ी जनसंख्या आज भी कांग्रेस के पक्ष में खड़ी है जिसे तोड़ना आसान नहीं है। वही अगर हम गुजरात विधानसभा की दसाडा सीट की बात करे तो यह काफी महत्वपूर्ण सींट है। यह सींट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। गुजरात की इस सींट पर जनता के वोट बैंक को समझना मुश्किल है कोई यह अनुमान नही लगा सकता है इस विधानसभा सींट पर किस पार्टी के समर्थन में जनता के।
इस सींट पर 1990 से 7 बार विधानसभा चुनाव हुआ है। इस सींट पर भाजपा को 5 बार तो कांग्रेस को 2 बार जीत हासिल हुई है। साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सींट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। भाजपा को साल 2017 में 4000 से कम मत से कांग्रेस से हार झेलनी पड़ी थी। वही इस बार भाजपा अपनी पिछले बार की कमियों को खत्म कर इस कोशिश में लगी हुई है कि वह इस सींट पर अपनी जीत का ध्वज कैसे लहराए ओर कांग्रेस के हाथ से यह सींट छीन ले। बता दें साल 2017 में 10 साल बाद कांग्रेस ने इस सींट पर अपनी जीत दर्ज की थी। इससे पहले इस सींट पर भाजपा का दबदबा था। कांग्रेस प्रत्याशी नौशाद जी सोलंकी ने भाजपा प्रत्याशी रमण लाल ईश्वरलाल बोरा को 3728 मत से हराया था।
जानकारी के लिए बता दें यह सबसे ज्यादा दलित वोट बैंक वाली विधानसभा सींट है। इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या ढाई लाख के करीब मानी जाती है. इस विधानसभा पर कांग्रेस और भाजपा दोनो की उम्दा पकड़ है यहां की जनता अपने मुड़ ओर प्रत्याशी के बलबूते पर मतदान करती है। अब देखना यह है कि इस साल इस सींट पर किसी जीत हासिल होती है ओर कौन इस सींट के दलितों को लुभा पाएगा।।
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