विश्व- कोरोना ने प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। आज ज्यादातर देश आर्थिक तंगी, महंगाई, जलवायु परिवर्तन और धीमी विकास दर से प्रभावित हैं।
वहीं अब IMF Chief Global Economy ने एक सर्वे के आधार पर स्पष्ट किया है कि आगामी समय में ग्लोबल इकोनॉमी प्रभावित हो सकती है। क्योंकि यह अभी भी बहुत अधिक दवाब में है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक (MD) क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, ग्लोबल इकोनॉमि अपने बेहद कठिन दौर में है। साल 2023 में ग्लोबल ग्रोथ मंद है। यह एक नया मोड़ ले सकती है।
बता दें 2022 में 8.8 फीसदी की वृद्धि के बाद, आईएमएफ ने जनवरी में भविष्यवाणी की थी कि ग्लोबल कंज्यूमर प्राइस हाइक 2023 में घटकर 6.6 फीसदी हो जाएगी, जो अक्टूबर के पूर्वानुमान से 0.1 फीसदी अधिक है।
2024 में, इसने 4.3 फीसदी तक और मंदी की भविष्यवाणी की। लगभग 84 फीसदी देशों में, 2022 की तुलना में 2023 में महंगाई की दर कम होने का अनुमान है। बता दें 2023 में अनुमानित 2.9 फीसदी ग्लोबल जीडीपी की वृद्धि अक्टूबर में भविष्यवाणी की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।
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