देश भर के राज्यों में पेट्रोल की कीमत शतक को पार कर चुकी है। कांग्रेस पार्टी लगातार पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है। इस बारे में एक सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, “महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब में ईंधन महंगा क्यों है?” इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, ”यदि राहुल गांधी गरीबों पर वाहन ईंधन कीमतों की मार से चिंतित हैं तो उन्हें कांग्रेस शासित राज्यों में ईंधन पर करों में कटौती के लिए मुख्यमंत्रियों से कहना चाहिए।” पेट्रोल की कीमतें लगातार आसमान को छूती जा रही है।
वहीं देश के दिल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां पेट्रोल की कीमत 104 रुपए से ज्यादा पहुँच चुकी है। इसी बीच तेल की बढ़ी हुई कीमतों पर बोलते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि यह चिंता की बात है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, ” विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोल, डीजल पर करों से अतिरिक्त पैसे की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे कांग्रेस शासित राज्यों को वाहन ईंधन पर करों में कटौती करनी चाहिए।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर चुप्पी साध ली कि क्या भाजपा शासित मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्य भी ऐसा करेंगे, जहां पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। प्रधान ने कहा कि यदि कांग्रेस आम आदमी पर वाहन ईंधन कीमतों के बढ़ते बोझ की वजह से चिंतित है, तो उसे अपने शासन वाले राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। गौर करने वाली बात यह है कि जब बीते कुछ हफ्तों में पेट्रोल 5.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 6.25 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
#WATCH | I accept that current fuel prices are problematic for people but be it central/state govt, over Rs 35,000 crores have been being spent on vaccines in a year… In such dire times, we’re saving money to spend on welfare schemes: Union Petroleum Minister Dharmendra Pradhan pic.twitter.com/ugObtQYiB6
— ANI (@ANI) June 13, 2021
उसके बाद भी लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सिर्फ राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष सिर्फ एक-दूसरे के पाले में गेंद उछालकर खुश है। वही कमर महंगाई से किसी की टूट रही तो वह सिर्फ आम आदमी की। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊंचे केंद्रीय और राज्य करों की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गई हैं, लेकिन न तो इसको लेकर राज्य सरकारें चिंतित नजर आ रही और न केंद्र सरकार। बस हो रही तो कोरी लफ्फाजी।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा महाराजा अग्रसेन अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में प्रधान ने कहा कि महामारी से लड़ाई और अन्य विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोल, डीजल पर करों से अतिरिक्त पैसे की जरूरत है। वही उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि वाहन ईंधन के दाम उपभोक्ताओं को चोट पहुंचा रहे हैं।
Leave a Reply