कौशाम्बी: जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर गई है। उपमुख्यमंत्री के गृह जनपद कौशाम्बी मे स्वास्थ्य सेवाएँ हाँफती नज़र आती है। इसी की एक बानगी मंगलवार को ज़िला अस्पताल मे देखी गई। ज़िला अस्पताल पहुँचने के बाद महिला को अपनी बकरी बेंच कर दवा ख़रीदनी पड़ी। इसी के साथ सरकार की मुफ़्त दवाइयों वाले सारे दावे धरे के धरे रह गए।
शुक्र है ऊपर वाले का कि उक्त महिला के पास जान बचाने के लिए पशुधन था जिसको बेचकर वह दवाएँ ख़रीद सकी, अन्यथा अस्पताल प्रशासन को फ़िक्र भी नहीं होती। खैर ज़िला अस्पताल की यह कोई पहली तस्वीर नहीं जहाँ लोगों की जान से खिलवाड़ किया जाता हो। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के लिए शायद यह आम बात हो चुकी है। क्या लखनऊ मे बैठकर उपमुख्यमंत्री को अपने जिले की फ़िक्र नहीं रह गई अब? या फिर जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ले आज तक डिप्टी सीएम अनजान है? या फिर लखनऊ और सत्ता की चकाचौंध मे कौशाम्बी की सुध लेने वाला ही कोई नहीं बचा?
Leave a Reply