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पडरौना,कुशीनगर। कुशीनगर जिले में अभी भी प्रवासी लोगों के आने का सिलसिला जारी है। इनमें सर्वाधिक तादाद प्रवासी मजदूरों की है। इनकी संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मई से अब तक जिले में 11120 प्रवासी आ चुके हैं। इनकी बार्डर पर ही थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद होम क्वारन्टीन रहने के लिए घर भेज दिया जा रहा है। दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने देश भर में लॉक डाउन घोषित कर दिया था। पहले चरण में ही 21 दिनों के लॉक डाउन में काफी संख्या में लोग आए थे। इसी दरम्यान नेपाली नागरिकों सहित 10 जमाती भी पकड़े गए थे।
इन सभी को क्वारन्टीन कर दिया गया था, जो अब भी वहां ठहरे हुए हैं। हालांकि प्रदेश के कुछ जनपदों में क्वारन्टीन सेंटर में ठहराए गए संक्रमित व्यक्तियों से वहां मौजूद अन्य लोगों के संक्रमण को देखते हुए होम क़वारन्टीन की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके बाद से काफी संख्या में लोग क्वारन्टीन किए जा चुके हैं। सरकारी आंकड़े पर गौर फरमाएं तो एक मई से अब तक 11120 प्रवासी लोगों को होम क़वारन्टीन किया जा चुका है। हाटा प्रतिनिधि के अनुसार इनमें अकेले 9931 लोगों की ढाढा के संत पुष्पा इंटर कॉलेज में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क़वारन्टीन रहने के लिए घर भेजा जा चुका है, जिसमे बुधवार को 600 लोग शामिल थे।
कोरोना जांच के लिए अब तक हो चुकी है 424 लोगों की सैंपलिंग
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक जिले में आए 424 संदिग्ध लोगों का सैंपल बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। 402 लोगों की रिपोर्ट आई है। बुधवार को 17 लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट आई। 22 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
लॉक डाउन के बाद से जिले में करीब 12 हजार प्रवासी लोग आ चुके हैं। इनके ठहरने के लिए जिले में स्कूल, पंचायत भवन और विवाह भवन के साथ इंटर और डिग्री कॉलेजों में कुल 107 क्वारन्टीन सेंटर बनाए गए थे, जिनमे 60 सक्रिय हैं। एक मई से पहले तक इन क्वारन्टीन सेंटरों में 841 लोगों को ठहराया गया था, लेकिन एक मई से अब तक।11120 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराकर होम क्वारन्टीन किया जा चुका है।
विंध्यवासिनी राय,अपर जिलाधिकारी।
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