सात साल के मासूम की हत्या: पड़ोसी ने की निर्मम हत्या, जानिए क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक 7 साल के मासूम की उसके ही पड़ोसी ने निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने बच्चे को इसलिए मारा क्योंकि उसके पड़ोसी उसका और उसकी पत्नी का बच्चा न होने के लिए चिढ़ाते थे।
क्रूरता की पराकाष्ठा: 7 साल के मासूम की गला दबाकर हत्या
यह दिल दहला देने वाली घटना मंगलवार को हुई जब आरोपी, दीपू नाम का व्यक्ति, 7 साल के मासूम अरुण को अपने साथ खेत में ले गया और उसका गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी की पत्नी से शादी के 3 साल बाद भी संतान नहीं हुई, जिसके कारण पड़ोसी उसे और उसकी पत्नी को चिढ़ाते थे। आरोपी ने बताया कि कई झाड़-फूंक करने वालों ने पड़ोसियों पर ही टोटका करने का आरोप लगाया था। यह सुनकर आरोपी ने गुस्से में आकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
क्या थे हत्या के पीछे के कारण?
पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पड़ोसी मेलेराम और उनकी पत्नी पूनम उसे और उसकी पत्नी को निरंतर चिढ़ाते थे, क्योंकि उनके कोई संतान नहीं थी। मृतक मासूम अरुण मेलेराम और पूनम का बेटा था, यह एक और दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है। इसके अलावा आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि झाड़-फूंक करने वालों ने बताया था कि उसके पड़ोसियों ने टोटका किया है। उसने आरोप लगाया कि उसके पड़ोसियों ने ही बच्चा न होने की वजह से उसका और उसकी पत्नी का मजाक उड़ाते थे।
पुलिस की तत्परता: आरोपी की गिरफ्तारी
श्रावस्ती पुलिस और एसओजी टीम ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और पूरे मामले की गहन जाँच की। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार इस मामले की जांच में जुटी थी। दीपू ने घटना के बाद भागने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस की सूझबूझ से उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की जाँच में क्या हुआ?
सीओ भिनगा ने बताया कि दस दिसंबर को हरदत्त नगर गिरन्ट थाना क्षेत्र में सात वर्षीय बालक की हत्या हुई थी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। गहन जाँच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की सराहनीय कार्यवाही ने पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मीडिया की भूमिका: घटना पर जनता का आक्रोश
इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस जघन्य अपराध को लेकर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है। लोग आरोपी को कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएँ समाज में बढ़ती हिंसा और क्रूरता की ओर इशारा करती हैं। इस घटना ने एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और बाल संरक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना से मिलने वाले सबक
यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें बच्चों की सुरक्षा के लिए और जागरूक होने की आवश्यकता है। हमें बच्चों को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। साथ ही, सामाजिक बंधन मजबूत करके ही हम ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।
Take Away Points
- सात साल के मासूम की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैलाया है।
- आरोपी पड़ोसी ने बच्चे को गला दबाकर मार डाला।
- पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- यह घटना बच्चों की सुरक्षा और बाल संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।

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