लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही UP+YOGI उपयोगी का नारा दे चुके हैं, भले ही अमित शाह कह चुके हैं कि 2024 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो यूपी की जनता को 2022 में योगी को मुख्यमंत्री बनाना होगा, लेकिन यूपी बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस खत्म होने के बजाय बढ़ ही जाता है। पिछले काफी वक्त से एक सवाल उत्तर प्रदेश की राजनीति के अंदर उठा रहा है और वो सवाल यह है क्या बीजेपी उत्तर प्रदेश में सीएम फेस बदलेगी?। हालांकि, इस सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ के नाम पर महुर लगा चुके हो। लेकिन पार्टी के अंदर योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व रास नहीं आ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व मऊ से पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर का बयान कुछ इसी तरफ इशारा कर रहा है।
Former BJP MP from Mau, Harinarayan Rajbhar while addressing a public gathering said: “A.K. Sharma can be the chief minister of Uttar Pradesh in upcoming time”.
A.K. Sharma is currently the UP state vice-president of BJP.#UPElections2022 #AKSharma #BJP. #YogiAdityanath pic.twitter.com/95FtXf6Kyd
— Chirag Jha 🇮🇳 (@iChiragJha) January 7, 2022
दरअसल, उन्होंने भरी सभा में मंच से इशारा करते हुए कहा है कि यूपी प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी अरविंद कुमार शर्मा पीएम मोदी के बेहद करीबी है। वो भविष्य के मुख्यमंत्री हो सकते है। इतना ही नहीं, उन्होंने मंच से संकल्प लेते हुए कहा कि हम शर्मा जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने बचे जीवन में इनके लिए काम करेंगे। पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर द्वारा दिए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडिया वायरल होने के बाद बीजेपी का उत्तर प्रदेश में सीएम कैंडिडेट कौन होगा, इसको लेकर सियासी गलियारों में एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, अभी तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) यही कहती रही है कि यूपी चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता व मऊ से पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब चुनाव की तिथियों का ऐलान कभी हो सकता है।
हरिनारायण राजभर बलिया जिले के तंगुनिया के रहने वाले हैं। उनके तीन पुत्र और पांच पुत्रियां हैं। वे हेल्थकेयर, फार्मेसी बिजनेस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पहली बार पहली बार भाजपा को घोसी लोकसभा सीट पर जीत दिलाई थी। लोकसभा चुनाव 2014 में उन्होंने बीएसपी के दारा सिंह चैहान को हराने में सफलता हासिल की थी। हरिनारायण राजभर यूपी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 1997 से 2002 के बीच वे कारागार, लघु सिंचाई और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला था। राजभर पहली बार वर्ष 1991 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्यता हासिल की थी।
Leave a Reply