नई दिल्ली, साल का अंत करीब है और कोरोनावायरस अभी भी हलकान होता नहीं दिख रहा। इस वायरस को काबू करने के लिए पूरी दुनिया में तरह-तरह के शोध चल रहे है। अब तेल अवीव विश्वविद्यालय (टीएयू) के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया है कि कोरोनावायरस को जल्दी और सस्ते में पराबैंगनी (यूवी-एलईडी) का उपयोग करके मारा जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यूवी-एलईडी तकनीक जल्द ही निजी और व्यावसायिक उपयोग के लिए लोगों के पास उपलब्ध होगी। शोधकर्ताओं के मुताबिक अल्ट्रावायोलेट किरणें कोरोनावायरस पर काबू कर सकती हैं।
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एयर कंडीशनिंग वैक्यूम और वाटर सिस्टम में एलईडी बल्ब को स्थापित करके बड़ी सतहों और रिक्त स्थानों को आसानी से कीटाणुरहित किया जा सकता है। एलईडी हवा से वायरस को ऑब्जर्व करके मार देंगे और हवा शुद्ध रहेगी।
यह पहला ऐसा अध्ययन है जो कोरोनवायरस के परिवार से वायरस पर विभिन्न आवृत्तियों पर यूवी-एलईडी विकिरण की कीटाणुशोधन दक्षता पर आयोजित है। अध्ययन का नेतृत्व प्रोफेसर हाडस मैमन ने किया जो टीएयू के स्कूल ऑफ मेकैनिकल इंजीनियरिंग, इबी और अलादर फ्लेसमैन इंजीनियरिंग संकाय में पर्यावरण इंजीनियरिंग कार्यक्रम के प्रमुख है। यह आलेख नवंबर 2020 के जर्नल ऑफ़ फ़ोटोकैमिस्ट्री एंड फ़ोटोबायोलॉजी में प्रकाशित हुआ था।
प्रोफेसर मैमन ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय कोरोनोवायरस को मारने के लिए प्रभावी समाधान की तलाश कर रही है, अगर हम इस वायरस को मारने चाहते हैं तो हमें रासायनिक छिड़काव का सहारा लेना होगा। इस छिड़काव का इस्तेमाल हम बस, ट्रेन, स्पोर्ट्स हॉल, विमान या अन्य जगाह को कीटाणुरहित करने के लिए कर सकते हैं, जिसके लिए हमें शारीरिक श्रम का इस्तेमाल करना होगा। हर जगह इस कीटाणुरहित रसायन का छिड़काव करना पॉसिबल नहीं है। जबकि एलईडी बल्बों को आप वेंटिलेशन सिस्टम और एयर कंडीशनर में स्थापित कर सकते हैं। ये एलईडी हवा से वायरस को ऑब्जर्व करके मार देंगे और हवा शुद्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर मेडिकल स्टाफ के पास अस्पतालों में मैन्युअल रूप से कंप्यूटर, कीबोर्ड और अन्य सतहों को कीटाणुरहित करने के लिए समय नहीं है, जिसका नतीजा संक्रमण और क्वारंटाइन हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया कि पराबैंगनी प्रकाश को फैलाने वाली एलईडी बल्बों का उपयोग करके कोरोनावायरस को मारना काफी सरल हो सकता है। ऐसे में शोधकर्ताओं का मानना है कि उद्योग आवश्यक समायोजन करके रोबोट सिस्टम में बल्ब को इंस्टॉल कर सकता है। इसके अलावा एयर कंडीशनिंग, वैक्यूम और वाटर सिस्टम में बल्ब को स्थापित करके बड़ी सतहों और रिक्त स्थानों को आसानी से कीटाणुरहित किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने हालिया अध्ययन में कोरोनावायरस को मारने के लिए ऑप्टिमल वेवलेंथ का परीक्षण किया और पाया कि 285 नैनोमीटर की लंबाई वाला यूवी एलईडी बल्ब 265 नैनोमीटर की लंबाई वाले यूवी एलईडी बल्ब की तुलना में वायरस को मारने में अधिक सक्षम था और आधे मिनट से भी कम समय में कोरोनावायरस को 99.9% खत्म कर सकता है। यहां यह जानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि 285 nm LED बल्ब, 265 nm LED बल्ब की तुलना में बहुत सस्ता और आसानी से उपलब्ध है।
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