कुशीनगर में स्टिंग के जाल में फंसा तमकुहीराज तहसील में तैनात रिश्वतखोर लेखपाल

उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना, कुशीनगर : अपनी तेज तर्रार व ईमानदार कार्यशैली के चलते चर्चा में रहने वाले एसडीएम तमकुहीराज के नाक के नीचे उनके मातहत लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पैमाइश से लेकर रिपोर्ट लगाने के नाम पर धड़ल्ले से लोगो को लूट रहे है। राजस्वकर्मियों द्वारा सरेआम की जा रही लूटमार को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उन्हें न तो योगी सरकार का भय है और ना ही एसडीएम के तेज तर्रार कार्यशैली का इसीलिए तो पैमाइश के लिए सरेआम पैसा मांगते लेखपाल लोगो का लोग आसानी से बीडीओ क्लिप बना ले रहे है ताकि ऐसे घूसखोरों की शिकायत दर्ज कराकर उन्हें सबक सिखा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बर्तमान में बांसगांव में तैनात लेखपाल राजेंद्र यादव लगभग डेढ़ दशक से इस तहसील में जमे हुए है लगभग दस साल तक दुदही हल्का के लेखपाल रहे राजेंद्र यादव ने पांच साल पहले अपना स्थानांतरण हाटा तहसील में करवा लिया और मात्र 6 माह बाद ही पुनः तमकुहीराज तहसील में आ धमके और इस बार दुदही से सटे पडरौन माडुरही में करवा लिया और तीन चार साल से वही जमा हुआ था। पैमाइश और रिपोर्ट के नाम पर लोगो का शोषण तो लेखपाल लोगो द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा है लेकिन उनमें से कुछ ऐसे चर्चित लेखपाल है जो नैतिकता को ताक पर रखकर काम करने के लिये लोगो से जबरिया पैसा वसूल कर रहे है।
पडरौना माडुरही में तैनाती के दौरान सरकारी जमीन पर कब्जे से लेकर तमाम कारनामो के कारण चर्चा में रहने वाले लेखपाल की दबंग कारगुजारी से आजिज आकर एक फरियादी ने उनके रिश्वतखोर चेहरा को सार्वजनिक कर उन्हें सजा दिलाने के लिए लेखपाल साहब का स्टिंग कर लिया जिसमे लेखपाल साहब बेशर्मी की हदे पार करते हुए पैमाइश के लिए सरेआम पंद्रह हजार रूपये की मांग कर रहा है।
किसी मामले की शिकायत के चलते उक्त लेखपाल का तबादला लगभग एक माह पहले जनपद के सबसे बड़े गांवो में शुमार बांसगांव में हुआ है शिकायत के बाद बड़े गांव की जिम्मेदारी यूँ ही नहीं मिल जाती उसके लिए  सब मैनेज करना पड़ता है और यह लेखपाल तो मैनेजमेंट का खिलाडी माना जाता है तो उसने आर के और तहसीलदार को मैनेज कर मनचाही तैनाती पा लिया।
जहाँ तक आर के की कार्यशैली का सवाल है तो वह भी काफी समय से यहाँ तैनात है और अभी हाल ही में दूसरे तहसील से निलंबित होकर आये एक चर्चित लेखपाल को बगैर बहाल हुए ही पटहेरवा हल्का में तैनाती देने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन इसकी भनक कही से तहसीलदार को लग गया तो उन्होंने पूछताछ किया तब जाकर आर के का मंसूबा साकार नहीं हो पाया और चर्चित लेखपाल को बैरंग वापस लौटना पड़ा। चर्चित लेखपाल का स्टिंग किये जाने के मामले में पडरौन माडुरही निवासी अशोक कुमार ने बीते 16 जून को इसकी शिकायत जिलाधिकारी के पास दर्ज कराया लेकिन मामले में कुछ न होता देख धीरे धीरे यह बीडियो वायरल होने लगा है जिसमे राजस्वकर्मियों की कारगुजारी परत दर परत खुलने लगी है।
सिर्फ राजेंद्र यादव ही नहीं परसौनी , माधोपुर बुजुर्ग और हरिहरपुर समेत दर्जन भर से ऊपर गांवो के हल्का लेखपाल सरेआम आम जनों का शोषण कर रहे है और जनप्रतिनिधि से लेकर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे है। इस सन्दर्भ में जब उपजिलाधिकारी तमकुहीराज त्रिभुवन कुमार से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हो पाया।

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