चंडीगढ़। हरियाणा में बारह से ज्यादा जातियों को दान में मिली जमीन वापस लेने का विरोध शुरु हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की धमकी दी है। बादली क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक कुलदीप वत्स इस फैसले के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर विधानसभा में आये और पंचायती जमीनें वापस लेने के विरोध में धरने पर बैठ गए।
बजट सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही शुरु होने से पहले वत्स विधानसभा के बाहर विधायकों को इस फैसले के विरोध में पर्चे भी बांटे। विधानसभा के बाहर सुरक्षा कर्मचारियों ने जब वत्स को काली शॉल कलाई पर बांधकर ले जाने से रोका तो उन्होंने शॉल ओढ़ ली। बाद में उन्होंने शॉल सिर पर पगड़ी की तरह बांध ली।
हुड्डा सरकार ने बारह से ज्यादा जातियों को उस जमीन का मालिकाना हक दे दिया था, जिस पर वे वर्षों से काबिज थे, लेकिन इसके लिए कहीं कोई विवाद नहीं था. इन जातियों में ब्राह्मण, जांगड़ा ब्राह्मण, प्रजापति, लोहार, वाल्मीकि, कबीर पंथी स्वामी, दोहलीदार, बुटीमार आदि जातियां शामिल हैं। मालिकाना हक देने की वजह यह थी कि इसके बाद उन्हें बैंकों से ऋण मिलने का रास्ता साफ़ हो गया था।
खट्टर सरकार दान में मिली यह जमीन अब वापस लेने जा रही है। इसके लिए हुड्डा सरकार के फैसले को बदला जा रहा है। कांग्रेस इसके विरोध में है। कांग्रेस विधायक वत्स की तरफ से बांटे गए पर्चों में लिखा गया है, ‘गरीबों के हक के लिए हम उनके साथ खड़े हैं। कमजोर जातियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।’ विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि इस मुद्दे को लेकर वे लोगों के बीच जाएंगे।
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