भारत में सोने ने छुआ नई उंचाई को, 2011 के बाद पहली बार 1800 डॉलर के हुआ पार

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मुंबई । कोरोना के गहराते कहर से बनी अनिश्चितता के माहौल में सोने-चांदी की चमक बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 2011 के बाद पहली बार सोने का भाव मंगलवार को 1800 डॉलर प्रति आंैंस के ऊपर गया है जबकि घरेलू बाजार में पीली धातु फिर नई उंचाई पर पहुंच चुकी है।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के अगस्त अनुबंध में पिछले सत्र से 19.80 डॉलर यानी 1.11 फीसदी की तेजी के साथ 1801 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोने का भाव 1803.95 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कॉमेक्स पर इससे पहले सिंतबर 2011 में सोने का भाव 1812 डॉलर प्रति औंस तक उछला था।

वहीं, चांदी के सितंबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 3.08 फीसदी की तेजी के साथ 18.62 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था।

कमोडिटी व सर्राफा बाजार के जानकार बताते हैं कि कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में गहराता जा रहा है जिससे सोने के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में महंगी धातुओं में आई तेजी के कारण घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दाम में उछाल आया है।

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अगस्त वायदा अनुबंध में मंगलवार की रात 9.34 बजे पिछले सत्र से 460 रुपये यानी 0.95 फीसदी की तेजी के साथ 48704 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव एमसीएक्स पर 48825 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

एमसीएक्स पर चांदी के सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 1338 रुपये यानी 2.73 फीसदी की तेजी के साथ 50,321 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले चांदी का भाव 50,484 रुपये प्रति किलो तक उछला।

एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (करेंसी व एनर्जी रिसर्च) अनुज गुप्ता ने कहा कि डॉलर में आई कमजोरी और वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त रहने के अंदेशों के साथ-साथ भूराजनीतिक तनाव के कारण बनी अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों का रुझान निवेश के सबसे सुरक्षित साधन सोने के प्रति बनी हुई है, इसीलिए सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है।

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