नई दिल्ली । टूल किट मामले में दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस साइबर सेल को धालीवाल की सहयोगी अनिता लाल के बारे में भी पता चला है। जो जानकारी सामने आ रही है कि उसके मुताबिक, टूल किट तैयार करने में अनिता लाल भी शामिल हैं। अनिता कनाडा में रहती हैं। वह पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन की सह संस्थापक और विश्व सिख संगठन में संस्थापक सदस्य है। जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की मानें तो दिशा रवि व निकिता ने शांतनु व अन्य के साथ मिलकर टूलकिट (डॉक्यूमेंट) तैयार किया था। निकिता व दिशा रवि से पूछताछ व 300 से अधिक ट्विटर हैंडलरों की जांच पड़ताल के बाद अब तक की जांच में पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है। दिशा रवि की गिरफ्तारी से पूर्व दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 11 फरवरी को निकिता के मुंबई स्थित घर पर जाकर पूछताछ की थी। उससे पूछताछ के बाद 13 फरवरी को साइबर सेल ने पहले दिशा रवि को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बारे में पता चलते ही निकिता जैकब भूमिगत हो गई।
टूलकिट के जरिये दंगे भड़काने का नहीं था एजेंडा निकिता
दिल्ली की एक अदालत द्वारा गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद निकिता जैकब ने मुंबई हाई कोर्ट में ट्रांजिट अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। मुंबई हाई कोर्ट में वकील निकिता ने चार सप्ताह के लिए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत मांगी है। निकिता ने याचिका में राजनीतिक प्रतिशोध एवं मीडिया ट्रायल के कारण गिरफ्तारी की आशंका जताई और कहा कि टूलकिट मामले में दर्ज प्राथमिकी गलत एवं निराधार है। उसका टूलकिट के जरिए दंगे भड़काने या किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाने का कोई एजेंडा नहीं था।
कविता कृष्णन ने की दिशा की रिहाई की मांग
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) के पोलित ब्यूरो की सदस्य कविता कृष्णन व कई अन्य वामपंथी कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिशा को रिहा किया जाए। वहीं, खुद को शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले 50 लोगों ने दिशा की गिरफ्तारी को परेशान करने वाला, व सरकार की जरूरत से अधिक प्रतिक्रिया वाला बताया।
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