लंदन । लोकसभा चुनाव से पहले देश की सियासत में आज एक ऐसा भूचाल आया जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। ये घटनाक्रम हुआ तो लंदन में लेकिन इसकी गूंज देश की राजधानी दिल्ली तक सुनाइ दी। दरअसल लंदन में एक अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट सैयद शूजा ने दावा किया कि 2014 के चुनावों में हैकिंग के लिए भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने संपर्क किया था। यही नहीं ने कहा कि बाद में यही वजह मुंडे की मौत का करण भी बनी।
शुजा ने यह भी दावा किया है कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी उसने आम आदमी पार्टी के पक्ष में ईवीएम को हैक किया था। शुजा ने कहा कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। हैक कैसी होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रांसमीटर के जरिए हैक किया जा सकता है।
हैकर सैय्यज शुजा ने लंदन में प्रेस कांफ्रेंस करके यह सभी जानकारी दी। इस दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी लंदन में ही मौजूद थे। इसके चलते अब लोग सवाल कर रहे हैं कि इस प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल क्यों थे?
भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को डिजाइन करने वाले इस एक्सपर्ट ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी धांधली हुई थी। यहां तक कि सूजा का दावा है कि 2014 के आम चुनाव में भी ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। इस हैकथॉन में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे।
उधर, भारतीय चुनाव आयोग ने इस प्रैस कांफ्रेंस के बारे में कहा कि इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाया जाए इस पर मंथन किया जाएगा। आयोग ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इन्हें भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड व इलेक्ट्रोनिक्स कारपोरेशन ऑफघ्इंडिया ने बनाया है।घ्इन्हें बनाने के लिए सख्तघ्प्रक्रिया अपनाई गई है।
सैयद शूजा का दावा है कि सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश ने उनकी स्टोरी चलाने के लिए हामी भरी थी, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई।उन्होंने कहा, वो इस स्टोरी के चलने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई्य। शूजा की मानें तो उनकी टीम के कई सदस्यों को मार दिया गया। उनको खुद को भी गोली लगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी उनसे संपर्क किया था ताकि वे उनके लिए ईवीएम हैकिंग का डेमो दें।
एक्सपर्ट सैयद शूजा के दावे
– इस मशीन को ब्लूटूथ की मदद से हैक नहीं किया जा सकता है।
-ग्रेफाइट आधारित ट्रांसमीटर की मदद से ही ईवीएम को खोला जा सकता है।
-इन ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल 2014 के चुनाव में भी किया गया था।
– कोई व्यक्ति ईवीएम के डेटा को मैन्युपुलेट करने के लिए लगातार पिंग कर रहा था।
– ईवीएम हैक करने में रिलायंस कम्युनिकेशन बीजेपी की मदद करता है।
– दिल्ली के चुनाव में ट्रांसमिशन रुकने के कारण भाजपा हारी।
-ट्रांसमिशन को आम आदमी पार्टी के पक्ष में कर दिया था।
अमेरिका में राजनीतिक शरण चाहने वाले इस भारतीय साइबर विशेषज्ञ ने दावा किया कि भारत में 2014 के आम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए धांधली हुई थी। उसका दावा है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। स्काईप के जरिये लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शख्स ने दावा किया कि 2014 में वह भारत से पलायन कर गया था क्योंकि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने की घटना के बाद वह डरा हुआ था। शख्स की पहचान सैयद शुजा के तौर पर हुई है।
हैकर ने कहा कि हैकिंग को लेकर हमला भी हो चुका है। इसीलिए उसने अमेरिका में शरण ले रखी है। हैकर ने दावा किया है कि वह ईवीएम बनाने वाली टीम का हिस्सा रह चुका है। इसलिए वह हैकर करने का तरीका जानता है। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस तरह का दावा करने को लेकर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
यह विस्फोटक और धमाकेदार खुलासा बड़े खुफिया अंदाज में किया गया, हालांकि इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी। उन्होंने दावा किया कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की टीम का हिस्सा थे जिसने ईवीएम मशीन का डिजाइन तैयार किया था। वह भारतीय पत्रकार संघ (यूरोप) की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे।
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