रेवाड़ी हत्याकांड: 10 लाख रुपये के कर्ज ने ली एक पीजी ऑपरेटर की जान

रेवाड़ी हत्याकांड: 10 लाख के कर्ज ने ली एक पीजी ऑपरेटर की जान

क्या आप जानते हैं कि कैसे एक मामूली कर्ज ने एक बेगुनाह की जान ले ली? हरियाणा के रेवाड़ी में हुए एक हैरान करने वाले हत्याकांड की कहानी सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इस सनसनीखेज घटना में एक पीजी ऑपरेटर की निर्मम हत्या कर दी गई, और इसके पीछे का कारण हैरान करने वाला है – मात्र 10 लाख रुपये का कर्ज! इस लेख में हम आपको इस पूरे मामले की गहराई से जानकारी देंगे, साथ ही साथ इस घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा करेंगे।

घटना का सिलसिला: कैसे हुआ सब शुरू?

यह सारी कहानी 22 नवंबर से शुरू होती है, जब 52 साल के राजेंद्र, जो एक पीजी ऑपरेटर थे, अपने काम के सिलसिले में घर से निकले थे। लेकिन वे घर वापस नहीं लौटे। उनके बेटे ने मानेसर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो राजेंद्र की गाड़ी आईएमटी चौक के पास बंद पड़ी मिली। लेकिन इससे भी चौंकाने वाला खुलासा आगे हुआ।

10 लाख का कर्ज और खौफनाक हत्या

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राजेंद्र ने 42 साल की सुषमा नाम की एक महिला को 10 लाख रुपये एक कमेटी (पैसे जमा करने की योजना) में लगाए थे। सुषमा ने ये पैसे गलत इस्तेमाल किए और राजेंद्र के पैसे वापस करने में असमर्थ थी। राजेंद्र के बार-बार पैसे मांगने पर सुषमा ने उन्हें चालाकी से अपने घर बुलाया और जहर मिलाकर चाय पिलाई। जैसे ही राजेंद्र बेहोश हुए, सुषमा और उसके साथी अनिल (37) ने उनका गला घोंटकर हत्या कर दी।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शव को रेवाड़ी-नारनौल हाईवे पर फेंक दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों, सुषमा, अनिल और सीमा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई कार, राजेंद्र की सोने की चैन और अन्य सबूत बरामद किए हैं। आरोपियों ने सबूतों को मिटाने के लिए राजेंद्र के मुँह में सल्फास की गोलियाँ भी रख दी थीं, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके।

रेवाड़ी हत्याकांड से सबक: सुरक्षा और जागरूकता

यह घटना एक कड़वा सच है, जो हमें याद दिलाता है कि हमारे आस-पास कितना खतरा छिपा होता है। इस हत्याकांड से हमें ये सीख लेनी चाहिए:

  • जागरूकता: ऐसे किसी भी निवेश में पैसा लगाने से पहले सावधानी बरतें और पूरी तरह जाँच पड़ताल कर लें।
  • सुरक्षा: हमेशा अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अकेले अंधेरे या सुनसान जगहों पर जाने से बचें।
  • भरोसा: अजनबियों पर अंधाधुंध भरोसा ना करें।

Take Away Points

  • एक मामूली सा 10 लाख रुपये का कर्ज एक बेगुनाह की जान ले गया।
  • इस घटना में एक पीजी ऑपरेटर की निर्मम हत्या की गई।
  • पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।
  • यह घटना हमें सुरक्षा और जागरूकता के महत्व की याद दिलाती है।

इस हत्याकांड की भयावहता हमारे समाज की कुछ गंभीर कमियों को उजागर करती है। इसलिए ज़रूरी है कि हम सावधान रहें और अपने आसपास के लोगों पर अंधाधुंध भरोसा करने से पहले सोच विचार ज़रूर करें।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *