यूपी के सभी कार्यालयों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र

[object Promise]

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम में सुधार करते हुए रामजी जोड़ने का शासनादेश जारी कर दिया है. साथ प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आंबेडकर के चित्र लगाए जाने का आदेश दिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सभी ऑफिसों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र लगाए जाएंगे.

फिल्मी स्टाइल में बस रुकवाकर लखनऊ के सर्राफ को गोलियों से भूना

वहीं नाम सही किये जाने पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने ​विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके सही नाम लिए जाने पर इतनी परेशानी क्यों है? राज्यपाल राम नाईक ने इस विषय पर जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सही नाम लिखे जाने की राय दी थी लेकिन उन्होंने उस राय को नही माना. भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सही नाम लिखे जाने का फैसला लिया है. इस पर विपक्ष को राजनीति नही करनी चाहिए.

UP के राज्यपाल की सिफारिश पर अंबेडकर के नाम में जोड़ा जाएगा ‘रामजी’

बता दें संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम अब यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा जाएगा. सरकार ने बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया.

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम में सुधार करते हुए रामजी जोड़ने का शासनादेश जारी कर दिया है. साथ प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आंबेडकर के चित्र लगाए जाने का आदेश दिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सभी ऑफिसों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र लगाए जाएंगे.

वहीं नाम सही किये जाने पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने ​विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके सही नाम लिए जाने पर इतनी परेशानी क्यों है? राज्यपाल राम नाईक ने इस विषय पर जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सही नाम लिखे जाने की राय दी थी लेकिन उन्होंने उस राय को नही माना. भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सही नाम लिखे जाने का फैसला लिया है. इस पर विपक्ष को राजनीति नही करनी चाहिए.

बता दें संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम अब यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा जाएगा. सरकार ने बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया.

दरअसल पिछले साल दिसम्बर में राज्यपाल ने बाबा साहेब का नाम गलत लिखे जाने पर नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि किसी भी व्यक्ति का नाम उसी तरह लिखा जाना चाहिए, जिस प्रकार से वह स्वयं लिखता हो. इस दृष्टि से भारत का संविधान की मूल हिन्दी प्रति के पृष्ठ 254 पर किए गए हस्ताक्षर (भीमराव रामजी आंबेडकर) के अनुसार, बाबा साहब का नाम डॉक्टर ‘भीमराव आंबेडकर’ लिखा जाना उचित होगा न कि डॉ ‘भीम राव आंबेडकर’. भीमराव एक शब्द है न कि अलग-अलग. गौरतलब है कि आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम में अंबेडकर की जगह आंबेडकर लिखने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *