सत्ता की बागडोर बाहुबली नेताओं के हाथ में!

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जब जब बिहार में सत्ता परिवर्तन हुई है तब- तब बाहुबली नेता का सत्ता परिवर्तन में बड़ा सहयोग रहा है। उदाहरण वर्ष 2005 की पहली सुशासन सरकार लाने और बनाने में मुख्य भूमिका बिहार के बाहुबली नेताओं की रही। बिहार में एनडीए की सरकार और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार को विराजमान करवाने में बड़ा सहयोग बाहुबली नेता पूर्व सांसद आनंद मोहन और मोकामा के छोटे सरकार अनंत सिंह का रहा।

आज वही बिहार के बाहुबली नेता सत्ता परिवर्तन के लिए एकजुट होकर महागठबंधन के नेतृत्व में नई सोच वाली सरकार बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।

बिहार में इस बार परिवर्तन के संकेत दिखाई देने लगे हैं।

युवा सरकार बदलेगा बिहार

नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार बनते ही कैबिनेट की पहली ही बैठक में दस लाख बेरोजगारों के लिए वे रोजगार की व्यवस्था करेंगे, जिसमें कोई जात-पात नहीं होगा, बल्कि यह नौकरियां बिहारियों को देंगे। इससे पलायन भी रुकेगा।

उनका कहना था कि बिहार में बेरोजगारी दर 46.5 प्रतिशत है। 15 सालों में लोगों से शिक्षा और रोजगार छीन लिया गया। एक सूई का कारखाना तक भी नहीं लगा है। एनडीए सरकार ने 15 सालों में सात घोटाले किए। कोरोना काल में सीएम 145 दिनों तक घर में छुपे रहे और बिहार की जनता भूखे प्यासे परेशान रही। दो माह तक प्रवासियों को अपने हाल पर छोड़ने वाली सरकार को आप उखाड़ फेंके।

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