लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों और कामगारों की प्रतिभा का सदुपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें रोजगार और हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उनकी प्रतिभा व क्षमताओं का लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा और देश दुनिया के सामने प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर होगा। प्रवासी श्रमिकों की प्रतिभा के दम पर ही प्रदेश ब्रांड बनकर आगे आएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 31238 स्वयं सहायता समूहों को 218.49 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड ट्रांसफर किया। कालिदास मार्ग स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए सरकारी प्रयासों की जानकारी दी। गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों खासकर महिला स्वयं सहायता संगठनों को मजबूती प्रदान करने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उप्र को रेडीमेड गारमेंट्स का हब व बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है। कोरोना संकट के समय में कई स्वयं सहायता संगठनों ने पूरी जिम्मेदारी से अपने दायित्व का निर्वहन किया। मास्क बनाने से लेकर पीपीई किट भी तैयार कराई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों व प्रवासी श्रमिकों से बातचीत भी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी किए 218.49 करोड़ रुपये के रिवाल्विंग फंड से 31,238 स्वयं सहायता समूहों से जुड़े 35,938 परिवारों को मदद मिलेगी। ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिलाई, कढ़ाई, पत्तल व दोने आदि बनाने के साथ अचार और मसालों का उत्पादन भी किया जाता है। इन समूहों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह अधिक सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों व प्रवासी श्रमिकों से बातचीत भी की। मुंबई से लौटकर टांडा आए अशोक कुमार की पत्नी से पूछा कि आप पति से बर्तन तो नहीं धुलवा रहीं हैं। वह हंसने लगीं तो बोले कि वैसे तो बर्तन साफ करने से हाथ और साफ होंगे। मुख्यमंत्री ने अशोक को आश्वस्त किया कि अब टांडा में ही रहकर अपना काम करें, सरकार आपकी पूरी मदद करेगी। दिल्ली से अलीगढ़ लौटे प्रवासी मजदूर टिंकू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने मास्क बनाने का काम शुरू किया है। भुगतान भी मिल रहा है। ऐसे ही काम आता रहा तो अब मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना चाहते। वहीं, गोरखपुर की रिंकू से योगी ने समूह के काम की जानकारी ली। मुंबई से लौटे उनके पति सुनील कुमार से कहा कि ब्रह्मपुर में ही सोफे का काम करें, जो मुंबई में करते थे। सरकार की तरफ से पूरा सहयोग मिलेगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन की तरह शहरी क्षेत्रों में कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मदद देने की मांग करते हुए सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर स्वरोजगार योजना को व्यापकता देने का आग्रह किया है। जादौन का कहना है कि सरकार की महत्वांकाक्षी योजना दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की महिलाओं की मदद के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है जो मास्क, स्कूल ड्रेस, पत्तल दोना, मसाला, पापड व अगरबत्ती आदि बनाने का काम करते हैं। कोरोना संकट के चलते उक्त परिवारों पर आर्थिक संकट बढ़ा है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार को मदद करनी चाहिए।
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