यह सवर्णों का गांव है, Vote मांग कर शार्मिंदा न करें, जिले के कुछ गांवों में लटके बैनर !

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देवरिया । एससी-एसटी ऐक्ट में किए गए संशोधनों को लेकर सवर्णों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांवों में भी अब इसका विरोध शुरू हो गया है। देवरिया जिले के कुछ गांवों में बैनर लटकाकर यह संदेश दिया जा रहा है, यह सवर्णों का गांव है। कृपया, यहां वोट मांगने ना आएं। हैरानीवाली बात तो यह है कि जिन गांवों में यह पोस्टर लगा है वहां पर अनुसूचित जाति के लोग भी हैं लेकिन बैनर के विरोध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन कर दिया था। बदलाव को लेकर 6 सितंबर को सवर्णों की ओर से भारत बंद का ऐलान भी किया गया था। इस दौरान हिंसा की भी कई घटनाएं देखने को मिली थीं। अब लोगों द्वारा गांवों में पोस्टर लगाकर नाराजगी जाहिर की जा रही है।

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जिले के भलुअनी विकास खंड के सोनाड़ी गांव में रविवार को एक ऐसा ही पोस्टर देखने को मिला। गांव में बने इंटर कॉलेज पर लगे इस पोस्टर में एक तरफ लिखा गया है कि एससी-एसटी ऐक्ट का हम विरोध करते है तो दूसरी तरफ लिखा है कि आरक्षण मुक्त भारत। पोस्टर में नीचे लिखा गया है कि सभी राजनीतिक पार्टियों से निवेदन है कि उनका इस गांव में प्रवेश वर्जित है। यदि कोई अप्रिय घटना होगी तो इसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे। नीचे लिखा है निवेदक समस्त ग्रामवासी।

गांव के निवासी सुधीर सिंह ने बताया कि सवर्ण मतों के सहारे सत्ता पानेवाली बीजेपी सरकार में आने के बाद सवर्णों का ही नुकसान कर रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभी तो यह आगाज है।

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