कब के बिछड़े हम आज यहां आके मिले

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पडरौना,कुशीनगर : बांदा से 35 साल की उम्र में घर निकला एक व्यक्ति 40 साल बाद अपने परिजनों से कुशीनगर जिले के खड्डा कस्बे के चीनी मिल परिसर में घुमते हुए मिला। बुजुर्ग का पत्र पाकर बुधवार को खड्डा पहुंचे उसके घरवाले उसे अपने साथ ले गये। परिजन उसे पाकर काफी खुश हैं। खड्डा कस्बे में लगभग 40 साल से राम अवतार गुप्ता नामक एक व्यक्ति आईपीएल चीनी मिल के एक आवास में आशियाना बनाकर रह रहा था। वह मैला कपड़ा पहन इधर उधर घूमकर लोगों के यहां से मांग कर खाता पीता था। बुर्जुग होने पर राम अवतार को अपने घर वालों की याद आई तो उसने 9 दिसंबर को घर पत्र लिखा। पत्र मिलने के बाद पुत्र को पता चला कि उसके पिता जीवित है तो उसने अपने पुत्र नीरज व विकास सहित अन्य लोगों को पिता को घर लाने के लिए खड्डा भेजा।

 

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बुधवार को खड्डा पहुंचे परिजनों ने बताया कि उसका असल नाम राम अवतार नहीं बल्कि लक्ष्मीचंद्र है। इनका एक पुत्र गरीबचन्द्र व एक पुत्री विनिता है। उन दोनों ने बताया कि वह ग्राम सिमौनी थाना तहसील बवेरु जिला बांदा के रहने वाले हैं। वह और उनकी पत्नी रामबाई दोनों परिषदीय विद्यालय में अध्यापक थे। वह नौकरी से त्यागपत्र देकर 40 साल पहले घर छोड़ खड्डा आ गये थे। परिवार इनका खोजबीन कई वर्षो तक किया। लेकिन इनका कहीं पता नहीं चलने पर परिजन किसी अनहोनी होने की आशंका जताते हुए उनकी खोजबीन बन्द कर दी।
बांदा से खड्डा आने के बाद रामअवतार ने पहले चीनी मिल में काम किया। उसके बाद उन्हें श्री गांधी इंटरमीडिएट कालेज में परिचारक की नौकरी मिल गई। इधर वह 25-30 वर्षो से विद्यालय जाना भी बंद कर इधर उधर घुमना व मांग कर खाना शुरू कर दिया था। रामअवतार का उम्र जब 75 वर्ष का हुआ तो उन्हें अपने घरवालों को याद सताने लगी। उन्होंने 9 दिसंबर को अपने जिंदा होने का एक पत्र घर वालों को भेजा। पत्र पाकर उनके परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। वे बुधवार को खड्डा पहुंच उसे लेकर घर के लिए रवाना हो गये।

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