बदलेगी देश के रेलवे स्टेशनों की सूरत, ये होगा नया डिज़ाइन
स्टेशन के डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा, यानी वही लाल और सफ़ेद रंग की क़िलेनुमा दीवारें, दो ऊंची मीनारें और उनके बीच में एक बड़ी सी गोल पुराने ज़माने की एनालॉग घड़ी, ये सब कुछ पहले जैसा रहेगा. लेकिन साफ़ सफ़ाई और ज़्यादा सुविधाओं के ज़रिये बड़े बदलाव किये जाएंगे.
स्टेशन में ऐसी कई जगह हैं, जहां कूड़ा करकट जमा रहता है. कई ऐसी जगह हैं जहां अंधेरा रहता है, लेकिन नए प्लान के मुताबिक सफ़ाई पर खास ध्यान दिया जाएगा और स्टेशन पर कहीं भी अंधेरा नहीं होगा. ऐसी जगहों की भी पहचान की गई है, जहां स्टेशन पर सबसे ज़्यादा भीड़ जमा होती है, इन जगहों से भीड़ कम करने के लिए भी कुछ बड़े कदम उठाए जाएंगे.
ये काम तीन चरणों में पूरा होगा. 6 महीने से एक साल के वक़्त में पूरे होने वाले काम पहले चरण में रखे गए हैं. दूसरे चरण में वो काम रखे गए हैं जिनमें डेढ़ साल तक का वक़्त लगेगा और तीसरा चरण वो है जिसमें होने वाले काम क़रीब 2 साल में पूरे होंगे.दो साल में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में वो सारे काम पूरे करने की योजना है, जिनके बाद स्टेशन की शक्ल पूरी तरह से बदल जाएगी. सबसे बड़े बदलाव आपको पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर देखने को मिलेंगे. जहां पुराने फ़ुटओवर ब्रिज की जगह पर दो नए फ़ुटओवर ब्रिज दिखाई देंगे. ये नए ब्रिज ज़्यादा चौड़े और खूबसूरत होंगे.
प्लेटफ़ॉर्म पर लगने वाले बोर्ड बदले जाएंगे, नए रंग रोगन से स्टेशन को नई शक्ल दी जाएगी.
प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे लोगों के बैठने के लिए पहले से ज़्यादा बेंच लगाई जाएंगी, जो पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत भी होंगी.
जिन लोगों को कई घंटे तक ट्रेन का इंतज़ार करना पड़ता है और वो प्लैटफ़ॉर्म पर ही बिस्तर लगा कर सोने को मजबूर हो जाते हैं, उनके लिए हाईटेक वेटिंग रूम बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर कोई तकलीफ़ ना हो।
स्टेशन के अंदर, यानी रेलवे स्टेशन के मेन गेट से दाखिल होने से प्लैटफॉर्म तक की जगह में आपको कई बड़े बदलाव दिखाई देंगे. नया फ़र्श बिछाया जाएगा. खास रंगों की थीम स्टेशन की दीवारों में नई जान फूंकने का काम करेगी.
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगे कई CCTV कैमरे काम नहीं करते थे. लेकिन अब हर कैमरा काम करेगा और कुल कैमरों की गिनती पहले से क़रीब दोगुनी से भी ज़्यादा की जाएगी. भीड़ को काबू करने के लिए टिकट खिड़कियों की गिनती बढ़ाई जाएगी और कुछ ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएंगी.
सामान की जांच के लिए एयरपोर्ट की तर्ज़ पर स्कैनिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा और लोगों के बैठने के लिए बढ़िया सोफ़े लगाए जाएंगे. पीने के पानी के लिए जगह जगह आपको डिस्पेंसिंग मशीनें मिलेंगी, मोबाइल चार्जिंग की जगह मिलेगी, और हर कोने पर कूड़ेदान होंगे.
समय से या देरी से चलने वाली रेलगाड़ियों की जानकारी देने वाले सारे बोर्ड डिजिटल तो होंगे ही, साथ ही बड़ी सी स्क्रीन पर यात्रियों के लिए टीवी देखने का विकल्प भी होगा.
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी परेशानी स्टेशन की मेन एंट्री की जगह है. जहां गंदगी भी है और बेतहाशा भीड़ भी है. इसके लिए भी खास योजना तैयार की गई है. साफ़ सफ़ाई रखने की तैयारी तो है ही, गंदगी फैलाने वालों पर CCTV के ज़रिये निगरानी भी होगी और कड़ा जुर्माना भी रखा जाएगा.
स्टेशन में पार्किंग के लिए अलग से जगह रखी जाएगी, ताकि यात्रियों के खड़े होने की जगह पर लोगों को गाड़ियां लेकर ना पहुंचना पड़े. प्राइवेट कैब ऑपरेटर्स के लिए स्टेशन के मेन एंट्री गेट पर अलग से काउंटर लगाए जाएंगे. ये बहुत कुछ एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा, जैसे देश के कुछ और स्टेशनों पर पहले से किया गया है.
रिक्शा और ऑटो के लिए अलग से लेन तय की जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो.
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