विराट कोहली का शानदार शतक: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत की ओर भारत का कदम!
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में एक बार फिर अपना जलवा दिखाया है। उन्होंने ना सिर्फ़ शानदार शतक जमाया, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। इस शतक ने न केवल टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलियाई टीम पर बढ़त दिलाई, बल्कि क्रिकेट जगत में भी खलबली मचा दी है। कोहली के इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि वो विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। आइये विस्तार से जानते हैं इस ऐतिहासिक शतक के बारे में।
कोहली का 30वां टेस्ट शतक: सर डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा
कोहली ने पर्थ टेस्ट में अपने टेस्ट करियर का 30वां शतक पूरा किया, जिससे उन्होंने महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह उपलब्धि उनके लिए बेहद ख़ास है, क्योंकि सर डॉन ब्रैडमैन को क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। कोहली ने यह शतक 143 गेंदों में 2 छक्कों और 8 चौकों की मदद से बनाया। यह उनकी 202वीं टेस्ट पारी थी, जो और भी आश्चर्यजनक है। कोहली के इस शतक ने मैच में भारत का पलड़ा भारी कर दिया।
कोहली के 30 टेस्ट शतकों की उपलब्धियां
- सर डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा
- 202वीं पारी में 30वाँ शतक
- मैथ्यू हेडन और शिवनारायण चंद्रपॉल के साथ बराबरी
कोहली का 81वाँ अंतर्राष्ट्रीय शतक: एक नया कीर्तिमान
कोहली के पर्थ में शतक से उनका अंतरराष्ट्रीय शतकों का आंकड़ा 81 तक पहुँच गया है। इससे वो एक्टिव क्रिकेटर्स में सबसे ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। केवल सचिन तेंदुलकर ही उनसे आगे हैं जिन्होंने 100 अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाये हैं। कोहली का यह शतक ना केवल उनका ही निजी मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गौरव का क्षण है।
कोहली के 81 अंतर्राष्ट्रीय शतकों से जुड़े आँकड़े
- सक्रिय खिलाड़ियों में प्रथम स्थान
- महान सचिन तेंदुलकर से सिर्फ़ 19 शतक पीछे
- भारत के लिए एक नई उपलब्धि
पर्थ टेस्ट में भारत का दबदबा
कोहली के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ, पूरी भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पर्थ टेस्ट में कड़ी चुनौती दी। पहले भारत ने 150 रनों की पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया को केवल 104 रनों पर समेट दिया। इससे टीम इंडिया को पहले ही इनिंग में 46 रनों की बढ़त मिल गई। उसके बाद टीम इंडिया ने 487 रनों की दूसरी पारी खेली, जिसके परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 534 रनों का विशाल लक्ष्य मिला। कोहली के शतक से ही भारतीय टीम का विश्वास बढ़ा और उसने धाकड़ खेल दिखाया।
पर्थ टेस्ट के अहम पक्ष
- 46 रनों की पहली पारी की बढ़त
- 534 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य
- शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी संयोजन
टेस्ट क्रिकेट में कोहली का प्रभाव: सफलता की कहानी
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। उनके कप्तानी काल में टीम इंडिया ने कई यादगार जीत हासिल की हैं,और अब भी उनकी बैटिंग भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वह टीम के लिए सबसे मज़बूत और विश्वसनीय बल्लेबाजों में से एक हैं और उनके हर शतक के पीछे एक प्रेरणादायक कहानी है। पर्थ टेस्ट के इस शतक से एक बार फिर उनके हुनर को दर्शाया गया है और इस युग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार किये जाने के और प्रमाण उपलब्ध हो गये हैं।
टेकअवे पॉइंट्स
- विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में शानदार शतक लगाया।
- उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 30वाँ और अंतर्राष्ट्रीय करियर का 81वाँ शतक बनाया।
- इस शतक से उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े और भारतीय टीम को जीत की ओर बढ़ाया।
- कोहली का यह शतक उनकी लगातार सफलता और प्रतिभा का प्रमाण है।

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